... तो इसलिए योगी आदित्यनाथ बने मोदी-शाह के नंबर 1 पसंद! जानें यूपी CM को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

Patrika news network Posted: 2017-03-19 11:33:32 IST Updated: 2017-03-19 11:33:32 IST
... तो इसलिए योगी आदित्यनाथ बने मोदी-शाह के नंबर 1 पसंद! जानें यूपी CM को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
  • योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुनने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर हिंदुत्व की राजनीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।

नई दिल्ली।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव जीतने के बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सियासत गर्माई हुई थी। इस महत्वपूर्ण पद की दावेदारी के लिए कई नाम विकल्प के तौर पर चल रहे थे।  यहां तक की इस बारे में पार्टी किसी निष्कर्ष पर पहुंचती, मीडिया और सियासी गलियारों में कुछ गिने-चुने नामों को लेकर ज़ोर-शोर से खबरें चलने लग गईं  थी। 



लेकिन इन तमाम हलचलों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नंबर एक पसंद बने योगी आदित्यनाथ। अब सीएम के इस चेहरे को लेकर विपक्ष कई तरह के आरोप भी लगा रहा है और सवाल भी उठा रहा है।  



भारतीय जनता पार्टी द्वारा शनिवार को योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुनने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर हिंदुत्व की राजनीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है।


कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने कहा कि यह फैसला 'स्पष्ट' संदेश देता है कि भाजपा ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।


झा ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्विवादित रूप से स्पष्ट संदेश दे दिया है। एक धुर सांप्रदायिक, हिंदूवादी नेता योगी आदित्यनाथ का चयन कर भाजपा साफ-साफ ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है, जिसके स्पष्ट प्रभाव के तौर पर न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में कट्टर हिंदूवादी विचारधारा मजबूत होगी।''


उन्होंने कहा, ''इसे इस संदर्भ में भी समझने की जरूरत है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा।''


तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने कहा, ''भाजपा के पास बहुमत है और यह उनका विशेषाधिकार है कि वे किसे अपना मुख्यमंत्री चुनते हैं। लेकिन यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भाजपा उत्तर प्रदेश में कट्टर हिंदुत्व की राजनीति करना चाहती है।''


मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता वृंदा करात ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उत्तर प्रदेश को हिंदुत्व परियोजना का केंद्र बनाना चाहता है।


वृंदा करात ने कहा, ''उनके चयन से आरएसएस का एजेंडा स्पष्ट होता है, क्योंकि वे उत्तर प्रदेश को हिंदुत्व परियोजना का केंद्र बनाना चाहते हैं।''


उन्होंने कहा, ''विकास के बड़े-बड़े वादे गायब हो गए, उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को चुना है, जिसने नफरत फैलाने वाले भाषणों और सांप्रदायिक हिंसा के रास्ते पर चलकर राजनीति में प्रवेश किया है। एक ऐसे व्यक्ति को जिसके खिलाफ ढेरों आपराधिक मामले चल रहे हैं। ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री बनने जा रहा है--यह उत्तर प्रदेश के लिए दुखद दिन है और पूरे देश के लिए दुखद है।''

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