Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

VIDEO उदयपुर में बना कीर्तिमान: सबसे कम उम्र में हार्ट सर्जरी का दावा, 15 दिन के बच्चे को ऐसे दिया जीवनदान

Patrika news network Posted: 2017-05-17 17:00:13 IST Updated: 2017-05-17 17:30:22 IST
  • गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एक नवजात की हार्ट सर्जरी की गई। नवजात की उम्र 15 दिन, वजन केवल 470 ग्राम और वह हथेली जितना छोटा बच्चा है।

उदयपुर.

गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एक नवजात की हार्ट सर्जरी की गई। नवजात की उम्र 15 दिन, वजन केवल 470 ग्राम और वह हथेली जितना छोटा बच्चा है। दावा किया गया है कि यह सबसे कम उम्र के बच्चे की हार्ट सर्जरी है। इतने कम वजन के बच्चे की हार्ट सर्जरी का दुनिया में पहला केस है।

हॉस्पिटल के कार्डियक वेसक्यूलर एवं थोरेसिक सर्जन डॉ संजय गांधी ने यह सर्जरी की। उन्होंने बताया कि नवजात हृदय की ऐसी गंभीर बिमारी से ग्रसित था, जिसका तुरंत इलाज नहीं होने की स्थिति में जान बचाना मुश्किल था। हृदय से निकलती दो मुख्य धमनियों के जुड़े होने से ये हार्ट सर्जरी करनी पड़ी। 



READ MORE: UDAIPUR EXCLUSIVE : अब आसमान में तिरंगे के साथ छाएंगे मोदी, बाहुबली, योगी, निर्जला एकादशी पर दिखेंगे आसमान में ऐसे नजारे, देखें वीडियो




बताया गया कि उदयपुर निवासी एसपी जैन के पुत्र का जन्म समय से पूर्व सात माह में ही हो गया। जन्म से ही अस्वस्थ होने पर अस्पताल में भर्ती किया। नवजात के हृदय की धमनियां जुड़ी हुई थी। डॉ. गांधी ने बताया कि ऐसी तकलीफ प्रति 1000 में से 3-4 बच्चों को होने की आशंका रहती है।


इसलिए करनी पड़ी सर्जरी

नवजात की धमनियां प्राकृतिक रुप से बंद नहीं हो पाई। दवाईयों से उपचार संभव नहीं हो सका। ऑपरेशन एकमात्र विकल्प था।  ऑपरेशन में आधा घण्टा लगा। जटिल रोग के कारण नवजात को एक से दूसरे हॉस्पिटल शिफ्ट करना खतरनाक था। नवजात की नाजुक हालत को ध्यान में रखते हुए गीतांजली हॉस्पिटल के कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल ने कार्डियक टीम को जीवंता हॉस्पिटल भेजा। टीम में डॉ. गांधी के अलावा डॉ. रमेश पटेल, डॉ. अंकुर गांधी, डॉ. कल्पेश मिस्त्री, डॉ. मनमोहन जिंदल, डॉ. धर्मचंद शामिल थे।




READ MORE: मेरे इन्दौर जैसा आपका राजसमंद भी बनाएं स्वच्छ: लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन




चुनौती भरी थी हार्ट सर्जरी

डॉ. गांधी ने बताया कि बहुत कम वजनी बच्चों में ऑपरेशन तकनीकी रुप से बेहद मुश्किल, चुनौतीपूर्ण व जोखिम भरा होता है। इन्हें नवजात गहन चिकित्सा ईकाई से कहीं और ऑपरेशन के लिए शिफ्ट करना संभव नहीं होता। ये बच्चे बहुत नाजुक, शरीर के सभी मुख्य एवं अन्य अंग जैसे मस्तिष्क, हृदय, लिवर, किडनी इत्यादि कमजोर होते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। जिससे संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

rajasthanpatrika.com

Bollywood