उदयपुर: जवाब नहीं 'ठोकर की लस्सी' का, एक बार पिओगे तो पीते रह जाओगे...

Patrika news network Posted: 2017-04-13 11:45:54 IST Updated: 2017-04-13 11:45:54 IST
  • जिस तरह पंजाब की लस्सी प्रसिद्ध है, उसी तरह उदयपुर में भी 'ठोकर की लस्सी' का जवाब नहीं है। कभी गर्मियों में उदयपुर आएं तो यहां 'ठोकर की लस्सी' का स्वाद लेना मत भूलिएगा।

प्रमोद सोनी/ उदयपुर.

जिस तरह पंजाब की लस्सी प्रसिद्ध है, उसी तरह उदयपुर में भी 'ठोकर की लस्सी' का जवाब नहीं है। कभी गर्मियों में उदयपुर आएं तो यहां 'ठोकर की लस्सी' का स्वाद लेना मत भूलिएगा। गर्मियों के दिनों में जब पारा 40 डिग्री को छू रहा हो या फिर इससे भी ऊपर पहुंच रहा हो तो गले को ठंडक से तर-बतर करने के लिए उदयपुर के लोगों के लिए 'ठोकर की लस्सी' का एक गिलास काफी है। 



भले ही शहर में शिकंजी, गन्ने का रस, कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा, फ्रूट ज्यूस आदि कई सारी चीजें हों, इसके बावजूद भी ये 'ठोकर की लस्सी' का विकल्प नहीं बन पाते। लोगों को यहां की लस्सी पीकर एक अजब सा सुकून मिलता है। इसके पीछे जबर्दस्त स्वाद और सालों का अनुभव है। 


READ MORE: GOOD NEWS: उदयपुर में रोज बदलेंगे तेल के दाम,1 मई से लागू होगी योजना, अचानक दाम बढऩे-घटने से मिलेगी निजात



'ठोकर की लस्सी' का स्वाद ही कुछ ऐसा है कि लोग यहां खिंचे चले आते हैं। इसका नाम शायद कुछ अजीब लग रहा हो लेकिन ये इस जगह के नाम के साथ जुड़ा है। दरअसल, लस्सी की ये दुकान शहर के ठोकर चौराहे पर है। इस चौराहे को इसी लस्सी ने प्रसिद्ध कर दिया। करीब 40-45 साल पूर्व किशनसिंह चुण्डावत ने चुण्डावत रेस्टोरेंट शुरू किया था। अपनी खास क्वालिटी के लिए तब से ही यहां की मक्खनिया लस्सी प्रसिद्ध हो गई।  लोगों को दुकान का नाम तो याद ना रहा लेकिन ठोकर चौराहे पर दुकान होने से यह लस्सी ठोकर के नाम से जाने जानी लगी। अब पिछले 17 साल से पृथ्वी सिंह इस दुकान को चला रहे हैं। 

READ MORE: उदयपुर: सचिन पायलट मीडिया से हुए मुखातिब, कहा- धौलपुर चुनाव में भाजपा ने किया सत्ता का दुरुपयोग



पृथ्वी सिंह बताते हैं कि अब भी लस्सी की क्वालिटी मेंटेन कर रखी है। वे हमेशा अपने ग्राहकों को ताजा लस्सी पिलाते हैं। वे सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक दुकान चलाते हैं। गर्मी में करीब रोज 150 से 200 किलो दूध की लस्सी लोग पी जाते हैं। यहां हाथोंहाथ लस्सी बिकती है। कभी-कभी लोग इतने आतुर दिखते हैं कि गिलास लेने के लिए भी जबर्दस्त खींचतान होती है। यहां लोग दूर-दूर से लस्सी पीने आते हैं।

rajasthanpatrika.com

Bollywood