video: उदयपुर के इस गांव में गुजराती बनवा रहे मवेशियों के लिए प्याऊ, प्याऊ निर्माण के लिए नहीं लेते कोई शुल्क

Patrika news network Posted: 2017-04-14 20:16:43 IST Updated: 2017-04-14 20:16:43 IST
  • गंगेश्वर महादेव के संत सीताराम महाराज के मार्गदर्शन में सौ से ज्यादा गुजराती भक्तों ने शुक्रवार को झाड़ोल क्षेत्र के गायरियावास तिराहे पर मंत्रोच्चार के बाद प्याऊ का निर्माण प्रारंभ कर दिया ।

हंसराज सरणोत/फलासिया.

अप्रेल की इस भीषण गर्मी में जब ज्यादातर नदियां व जलाशय सूखे पड़े हैं तब आम आदमी को तो पेयजल के लिए भटकना पडृता ही हैं किंतु मवेशियों की स्थिति तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती हैं जब इस चिलचिलाती धूप में उन्हें एक से दो किलोमीटर दूर तक महज प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है । मवेशियों की इसी परेशानी को देखते हुए गंगेश्वर महादेव के संत सीताराम महाराज के मार्गदर्शन में सौ से ज्यादा गुजराती भक्तों ने शुक्रवार को झाड़ोल क्षेत्र के गायरियावास तिराहे पर मंत्रोच्चार के बाद प्याऊ का निर्माण प्रारंभ कर दिया ।



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गुजरात के आंतरसुबा आश्रम के पास स्थित गंगेश्वर महादेव के संत श्री सीता राम महाराज गत माह अपने झाड़ोल प्रवास के दौरान गोराणा क्षेत्र में जब पैदल भ्रमण कर रहे थे तो मानसी वाकल बांध के नीचे की ओर बसे हुए गायरियावास गांव के तिराहे पर ये देखकर हैरान हो गए कि गाय-भैंस, बकरी सहित अन्य मवेशियों के लिए आसपास पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण उन मवेशियों को दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। संत श्री ने उसी समय स्थानीय ग्रामीणों के सामने गायरियावास तिराहे पर ही एक बड़ी प्याऊ मवेशियों के लिए बनाने का प्रस्ताव रखते हुए उनसे स्वीकृति मांगी । स्थानीय पशुपालकों ने भी तुरंत हामी भर दी । तिराहे के पास ही स्थित एक खेत के मालिक ने अपने खेत पर लगभग तीन सौ मीटर दूर लगी ट्यूबवेल से हर रोज नियमित रूप से पानी आपूर्ति करने की जिम्मेदारी ले ली । 



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गुजरात से पहुंचे सौ महिला-पुरूष

संत श्री सीताराम की इच्छानुसार शुक्रवार अलसुबह गुजरात के सौ से ज्यादा महिला-पुरूष सेवा करने के उद्देश्य से एक गाड़ी में सवार हो गायरियावास पहुंच गए । यहां पर मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ भगवान व स्थान का पूजन करने के बाद इन गुजरातियों ने बीस फीट लंबी व चार फीट चौड़ी प्याऊ का निर्माण प्रारंभ कर दिया । इन गुजरातियों ने बताया कि संत श्री सीताराम द्वारा गुजरात सहित गुजरात सीमा से लगी हुई झाड़ोल व कोटड़ा तहसील में अब तक एक हजार से ज्यादा प्याऊ इंसानों व मवेशियों के लिए बनवा दिए हैं । गुजरात से आए सभी महिला-पुरुष संत श्री के भक्त हैं जो कि प्याऊ निर्माण का ना तो कोई शुल्क लेते हैं ना ही अन्य कोई राशि । स्थानीय ग्रामीणों ने भी इनकी सेवा देख भोजन की व्यवस्था अपने जिम्मे लेते हुए दाल-बाटी प्रसाद के रूप में बनवा दी । 

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