उदयसागर संरक्षित: सीमा भी तय, अब ना निर्माण होगा, ना पानी होगा गंदा

Patrika news network Posted: 2017-04-20 15:42:57 IST Updated: 2017-04-20 15:45:27 IST
उदयसागर संरक्षित:  सीमा भी तय, अब ना निर्माण होगा, ना पानी होगा गंदा
  • उदयसागर झील को संरक्षित घोषित करने से अब इसकी तय सीमा में न निर्माण होगा, और न ही झील को प्रदूषित करने जैसी कोई गतिविधि हो सकेगी।

उदयपुर.

बरसों से उपेक्षित उदयसागर झील के लिए बुधवार को अच्छी खबर आई। इस झील को संरक्षित घोषित करने से अब इसकी तय सीमा में न निर्माण होगा, और न ही झील को प्रदूषित करने जैसी कोई गतिविधि हो सकेगी। अब उदयसागर को वेटलैंड घोषित करने की ओर अगले कदम का इंतजार है।


उदयसागर को संरक्षित करने के निर्णय का झीलप्रेमियों ने स्वागत किया है। आसपास के गांवों के लोग भी इस फैसले से खुश हैं, लेकिन उन्हें डर यह भी है कि कहीं इससे उनकी परेशानियां बढ़ न जाएं। झील में गिर रहे गंदे नाले, प्रवासी पक्षियों के टापुओं के संरक्षण के लिए भी बड़ा काम होगा और निगरानी भी। डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि उदयसागर उपेक्षित रहा है और अब इस निर्णय से पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने में भी मदद मिलेगी। प्रो. महेश शर्मा ने भी निर्णय का स्वागत कर कहा कि दूसरी झीलों को भी संरक्षित करने के लिए प्रक्रिया को बढ़ाना चाहिए। तेजशंकर पालीवाल ने कहा कि निर्णय स्वागत योग्य है।



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शहर की झीलों का पानी जाता है उदयसागर

उदयसागर झील शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर है। वहां पानी ऊंचे बांध से रुका हुआ है। उदयपुर की प्रमुख झील फतहसागर व पिछोला के लबालब होने के बाद जो पानी रिलीज किया जाता है, वह आयड़ नदी के रास्ते उदयसागर में जाता है। उदयसागर से निकलने वाला पानी बेड़च नदी के जरिए वल्लभनगर व बडग़ांव बांध में जाता है और वहां से आगे चित्तौडग़ढ़ जिले में पानी जाता है। पहाडिय़ों से घिरे इस झील का प्राकृतिक नजारा बड़ा ख़ूबसूरत दिखाई देता है।

आगे : वेटलैंड अधिसूचना का इंतजार

उदयसागर झील को लेकर तो बहुत कुछ काम कर दिया गया था लेकिन जैसे ही वर्ष 2016 में संशोधित वेटलैंड कानून बना दिया गया तो सबके सब अधर में रह गए। उदयसागर को वेटलैंड बनाने के लिए 11 गांवों की जमीन का आंचल इसमें समाहित करने की प्रक्रिया तक शुरू हो गई थी, राजस्व, जल संसाधन व वन विभाग ने इस पर काम भी किया था, जल संसाधन विभाग ने राजस्व नक्शे में उदयसागर के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और मेक्सिमम वॉटर लेवल (एमडब्ल्यूएल) क्षेत्र को चिह्नित कर लिया गया था। वैसे जानकार बताते है कि उदयसागर को संरक्षित घोषित करने के बाद अब वेटलैंड घोषित करने की प्रक्रिया ही पूरी होगी।

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