Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

ऐसा क्या हुआ कि कोर्ट ने पूर्व एएसपी से पूछा- क्यों न आप पर भी कार्रवाई हो??

Patrika news network Posted: 2017-06-15 09:28:12 IST Updated: 2017-06-15 09:28:38 IST
ऐसा क्या हुआ कि कोर्ट ने पूर्व एएसपी से पूछा- क्यों न आप पर भी कार्रवाई हो??
  • अहमदाबाद मार्ग स्थित होटल उदय पैलेस में दो साल पहले रेव पार्टी मामले में पकड़े गए अधिवक्ता के इस्तगासे में विलम्ब से जांच व कार्रवाई पर न्यायालय ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से स्पष्टीकरण मांगा है।

उदयपुर.

अहमदाबाद मार्ग स्थित होटल उदय पैलेस में दो साल पहले रेव पार्टी मामले में पकड़े गए अधिवक्ता के इस्तगासे में विलम्ब से जांच व कार्रवाई पर न्यायालय ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने पूछा, क्यों न आपके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए।

अधिवक्ता न्यू कॉलोनी डूंगरपुर निवासी सार्दूलसिंह पुत्र दौलतसिंह ने तत्कालीन गिर्वा वृताधिकारी रानू शर्मा, सीआई अब्दुल रहमान, कांस्टेबल बसंत मीणा व मंगेजाराम के खिलाफ परिवाद पेश किया था। बताया कि वह 5 अप्रेल 2015 को चालक राजेन्द्र मीणा के साथ उक्त होटल में खाना खाने गया था। खाना खा ही रहा था कि आरोपित आए। रेस्टोरेंट व अन्य कमरों से ग्राहकों को खड़ाकर उनके नाम पूछे। डीएसपी से कारण पूछा तो जवाब मिला, चुपचाप खड़ा हो जा। 



READ MORE: VIDEO: एक महिला के डर के मारे स्टाफ हुआ कमरे में बंद, आखिर क्या थी वजह.. जानें पूरा मामला



फिर सबको थाने ले जाया गया, जहां रातभर रखने के बाद सुबह अन्य ग्राहकों, होटल के कर्मचारियों व होटल मालिक के विरुद्ध पीटा एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। परिवादी का कहना था कि उसने एेसा कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया। न ही होटल पर कोई अवैध काम हो रहा था। परिवादी ने जमानत के बाद एफआईआर की नकल ली और उसमें लगाए झूठे आरोपों के संदर्भ में एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवादी का कहना था कि रिपोर्ट में डीएसपी व सीआई ने दो कांस्टेबल को बोगस ग्राहक बनाकर ट्रेप मैनेज किया, जबकि उक्त दोनों कांस्टेबल वहां आए ही नहीं थे। 

उन्हें वहां किसी ने नहीं देखा। होटल मालिक का पुलिस प्रशासन के संबंधित अधिकारियों से विवाद था, जिसे फंसाने के लिए साजिश के तहत रेव पार्टी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। परिवादी ने घटना के दिन 5 अप्रेल 2015 को प्राथमिकी में लिखे कार्रवाई के समयानुसार उक्त सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल निकलवाने की भी मांग की। 

READ MORE: डबोक-मावली मार्ग पर एक लावारिस कार में मिली आठ किलो अफीम, पुलिस के उड़े होश




जांच में लगा दिए छह महीने

न्यायालय ने पत्रावली देख इस्तगासा पुलिस को देते हुए 12 फरवरी 2016 को जांच पूरी करने का आदेश दिया था। पुलिस ने इसका नतीजा 26 अगस्त को पेश किया। परिवादी ने कहा कि जांच अधिकारी ने तीन माह का अधिक समय लिया एवं जांच के लिए जो कॉल डिटेल प्राप्त करनी थी, उसे देरी कर डिलीट हो जाने दिया। जांच अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। विशिष्ट अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पीसीपीएनडीटी) न्यायालय ने माना कि पुलिस ने तय अवधि में जांच पूरी नहीं की। अगली पेशी 23 जून को है।

rajasthanpatrika.com

Bollywood