video: विदेशी बच्चों को रास आ रहे एेतिहासिक व पौराणिक पात्र, व्यवसाय को मिल्र रहा नया लुक

Patrika news network Posted: 2017-04-15 10:10:29 IST Updated: 2017-04-15 19:14:02 IST
  • भारत के इतिहास एवं पौराणिक कथाओं को जानने के कई साधन बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन विदेशी पर्यटक अपने बच्चों को इसकी जानकारी देने के लिए सर्वाधिक पसंद करते हैं इन विषयों पर बनी कॉमिक्स। शहर के पर्यटन स्थल पर इनकी बिक्री उत्साहवर्धक है।

उदयपुर .

भारत के इतिहास एवं पौराणिक कथाओं को जानने के कई साधन बाजार में  उपलब्ध हैं, लेकिन विदेशी पर्यटक अपने बच्चों को इसकी जानकारी देने के लिए सर्वाधिक पसंद करते हैं इन विषयों पर बनी कॉमिक्स। शहर के पर्यटन स्थल पर इनकी बिक्री उत्साहवर्धक है।  करीब एक दशक पूर्व भारत में कॉमिक्स का बाजार जोरों पर था। चाचा चौधरी व साबू, सुपरमैन, धु्रव, नागराज आदि की कॉमिक्स खूब पसंद की जाती थी। 


कम्प्यूटर और मोबाइल के घर-घर पहुंचने के बाद सब कुछ बदल गया। मगर सात समंदर पार से आने वाले विदेशी पर्यटक राजस्थान ही  नहीं देश के इतिहास व इसकी पौराणिक कथाओं को जानना चाहते हैं। एेसे में इन विषयों पर कॉमिक्स पसंद की जा रही है।  



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चित्रावली कथा कहती है कॉमिक्स : भगवान राम, कृष्ण, सूर्य, शिव-पार्वती, बजरंग बली, रावण आदि की पौराणिक कथाओं पर कॉमिक्स बाजार में उपलब्ध हैं। इनकी कीमत आमतौर पर 50 से 250 रुपए के बीच है। 



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व्यवसाय को नया लुक: करीब बीस साल से शहर के जगदीश चौक में कॉमिक्स ओर नॉवेल किराए देकर अपना व परिवार का जीवन चलाने वाले शिवप्रकाश सेठ ने कभी नहीं सोचा था कि उनका व्यवसाय एक दिन दम तोड़ देगा। लोगों में नॉवेल व बच्चों में कॉमिक्स पढऩे में रुचि कम हो गई है।  एेसे में पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए अंग्रेजी नॉवेल्स रखने शुरू किए। बाजार में भारत व राजस्थान के इतिहास की जानकारी देने वाली अंग्रेजी में किताबें एवं कॉमिक्स आने लगी तो इनका बेचना शुरू किया। इसके साथ ही उनके व्यवसाय में नई जान आ गई। 

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