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किसान मुक्ति यात्रा जब पहुंची उदयपुर तो योगेन्द्र यादव ने मंदसौर प्रकरण पर कही ये बड़ी बात

Patrika news network Posted: 2017-07-14 13:21:16 IST Updated: 2017-07-14 13:21:16 IST
किसान मुक्ति यात्रा जब पहुंची उदयपुर तो योगेन्द्र यादव ने मंदसौर प्रकरण पर कही ये बड़ी बात
  • स्वराज अभियान व किसान आंदोलन के संयोजक योगेन्द्र यादव ने मंदसौर प्रकरण पर कहा कि यह कहना कि वहां किसान गोलीबारी से मारे गए थे, यह सच नहीं है।

उदयपुर.

स्वराज अभियान व किसान आंदोलन के संयोजक योगेन्द्र यादव ने मंदसौर प्रकरण पर कहा कि यह कहना कि वहां किसान गोलीबारी से मारे गए थे, यह सच नहीं है। सच यह है कि तीन किसान पुलिस के दूर से गैर कानूनी तरीके से गोली चलाने से  मारे गए, दो किसान खोपड़ी पर बंदूक रखकर मारे गए और एक किसान को दो दिन के बाद हवालात में घसीट कर व पीट-पीट कर मारा दिया गया। राज्य सरकार कह रही है  कि सब कानूनी था, जांच हो रही है। 


दूसरी ओर सरकार अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं कर उन्हें बर्खास्त कर देती है, इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ हुई थी। अगर अधिकारी ने गड़बड़ की है तो उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दायर क्यों नहीं होता। यादव ने मध्यप्रदेश सरकार से मामले की जांच मांग की। 


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संसद सत्र की करेंगे चौकीदारी

यादव ने कहा कि 17 जुलाई से शुरू होने वाले संसद संत्र के दौरान देशभर के किसानों को बुलाकर संसद की चौकीदारी करेंगे। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सांसदों से कहेंगे कि अपने पिता के दर्शन तो करते जाओ क्योंकि उन्होंने हलफनामे में किसान पुत्र होने का हवाला दिया है। 


यादव ने कहा कि देश के करीब तीन सौ से ज्यादा सांसदों ने खुद को किसान पुत्र घोषित कर रखा है, लेकिन वे न तो किसानों की आवाज बनते हैं, न उनकी समस्याओं पर बोलते और उनकी ओर देखते हैं।  



मोदी सरकार घोर किसान विरोधी 

 यादव ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार व प्रदेश की वसुंधरा सरकार अब तक की सबसे घोर किसान विरोधी सरकार है। पिछले 70 सालों से सभी सरकारों ने किसान विरोधी कार्य किए हैं, लेकिन मोदी सरकार ने यूरिया का आयात रोकना, किसानों को राज्य सरकारों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मिलने वाला बोनस रोकना, भूमि छीनने की कोशिश, न्यूनतम समर्थन मूल्य देने से इनकार आदि घोर किसान विरोधी लक्षण हैं।वे बजट में किसानों का नाम तो लेते हैं लेकिन उनको नाम के सिवाय कुछ नहीं मिलता है। 

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गांवों में प्रवेश से रोकेंगे अफसरों को

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम ने कहा कि 17 जुलाई से प्रदेश भर के गांवों में कफ्र्यू अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गांव में आने वाले सरकारी अधिकारियों रोका जाएगा। सरकारी कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। ऋण माफ करने, किसानों की लागत का पचास प्रतिशत लाभ पर समर्थन मूल्य देने की मांग की जाएगी। 

यात्रा को 160 संगठनों का समर्थन

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के समन्वयक बीएम सिंह ने कहा कि मुक्ति यात्रा को 160 संगठनों का समर्थन है। यात्रा मंदसौर से छह किसानों की मृत्यु के एक माह पूरा होने के बाद से शुरू की गई है जो राजस्थान होते हुए दिल्ली पहुंचेंगी. यात्रा में महाराष्ट्र में किसान आंदोलन से जुडे़ सांसद राजू शेट्टी, पूर्व मंत्री विज्ञान मोदी आदि साथ चल रहे हैं। 

पार्क में जुटे जिले भर के किसान 

मुक्ति यात्रा के तहत चेटक सर्कल स्थित मोहता पार्क में आमसभा हुई जिसमें जिलेभर के किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने यादव को स्थानीय किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। किसानों में यादव को सुनने की ललक एेसी थी कि किसान बारिश में भी अतिथियों को सुनने के लिए बैठे रहे।  

rajasthanpatrika.com

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