Breaking News
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

विद्वान हमेशा अक्ल की बात करें, जरूरी नहीं: हरदीप सिंह पुरी

Patrika news network Posted: 2016-12-01 15:52:43 IST Updated: 2016-12-01 15:52:43 IST
विद्वान हमेशा अक्ल की बात करें, जरूरी नहीं: हरदीप सिंह पुरी
  • प्रभा खेतान फाउंडेशन और द लिटरेरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कलाम शृंखला के तहत बुधवार को देश के पूर्व राजदूत हरदीपसिंह पुरी श्रोताओं से रूबरू हुए।

उदयपुर.

 देश के पढ़े-लिखे विद्वान हमेशा अक्ल की बात करें, ये जरूरी नहीं। वह इसलिए कि नोटबंदी के मुद्दे पर बीते दिनों भारत रत्न अमत्र्य सेन और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिस तरह के बचकाने बयान दिए, उसे जान-सुनकर तो यही लगता है।

दोनों अर्थशास्त्रियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस फैसले को देश की अर्थव्यवस्था से खिलवाड़ और संगठित लूट बताया। जबकि, इन विद्वानों को सोचना चाहिए कि देशहित में जो निर्णय किया गया है, उसका समर्थन करें।     प्रभा खेतान फाउंडेशन और द लिटरेरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कलाम शृंखला के तहत बुधवार को देश के पूर्व राजदूत हरदीपसिंह पुरी श्रोताओं से रूबरू हुए। फतहसागर किनारे स्थित निजी होटल में हुए संवाद कार्यक्रम में पुरी ने श्रोताओं के सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। चर्चा के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के बतौर स्थायी प्रतिनिधि रहने और कई देशों में काम करने के अनुभवों को साझा किया। कलाम शृंखला का मुख्य उद्देश्य सम्मानित व प्रतिष्ठित लेखकों के साथ समान विचारधाराओं वाले व्यक्तियों से बातचीत कर उदयपुर में साहित्य और कला संस्कृति को बढ़ावा देना है। संवाद कार्यक्रम की पहली कड़ी में अभिनेता आशीष विद्यार्थी शहर के संजीदा लोगों से चर्चा करने आए थे।

READ MORE: उदयपुर में रॉयल वेडिंग, सिटी-पैलेस और जगमंदिर में रौनक, आए देश-विदेश से मेहमान


पाकिस्तान को करारा जवाब देना सही 

पूर्व राजदूत पुरी ने कहा कि सीमा पर जो तल्ख हालात अभी हैं और भारत के जवान पाकिस्तान को जिस कड़े तेवरों के साथ जवाब दे रहे हैं, वह बिल्कुल सही निर्णय है। क्योंकि संबंध में आपसी तालमेल जरूरी होता है, फिर चाहे वह दो लोगों के बीच हो या दो देशों के। यदि एक पक्ष घाव देने लगे और दूसरा उसका जवाब नहीं दे तो कहां तक उचित है। पाकिस्तान ने बीते वर्षों में आतंक की जिस फसल को बोया, उसे तो काटना ही होगा। अभी तो उसकी अक्ल को ठिकाने लगाने के लिए कई सर्जिकल स्ट्राइक और करने होंगे। 

कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश

नोटबंदी के निर्णय का समर्थन कर उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार जैसी बड़ी समस्याओं के लिए एेसे साहसिक कदम उठाने की जरूरत है। देश ने इसको समझा है, तभी तो इतने कष्ट झेलने के बाद भी देश के नागरिक खुश हैं। उनको पता है कि इस फैसले के भावी परिणाम सुखद होंगे। 

Latest Videos from Rajasthan Patrika

rajasthanpatrika.com

Bollywood