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वन विभाग की पहल से होगा अब शहर के पर्यटन स्थलों का विकास, सुधरेगी कायाकल्प

Patrika news network Posted: 2017-06-16 02:28:35 IST Updated: 2017-06-16 02:31:08 IST
वन विभाग की पहल से होगा अब शहर के पर्यटन स्थलों का विकास, सुधरेगी कायाकल्प
  • वन विभाग की ओर से शहर एवं आस-पास के कई पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं ताकि इन स्थलों पर अधिक सुविधाएं मुहैया हो सके एवं इनका बेहतर उपयोग कर सके।

उदयपुर .

वन विभाग की ओर से शहर एवं आस-पास के कई पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं ताकि इन स्थलों पर अधिक सुविधाएं मुहैया हो सके एवं इनका बेहतर उपयोग कर सके।


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मुख्य वन संरक्षक अक्षय सिंह की अध्यक्षता में इसी उद्देश्य से गुरुवार को एक बैठक हुई जिसमें मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव राहुल भटनागर, वन संरक्षक इन्द्रपाल सिंह मथारु, उप वन संरक्षक आर.के.जैन, ओ.पी.शर्मा एवं लायक अली खान शामिल हुए। बैठक में सामने आया कि ऐसे स्थलों पर कई मूलभूत सुविधाओं की कमी है जिन्हें दूर किया जाए। शहर के आस-पास स्थित वन विश्राम स्थलों का संधारण वन सुरक्षा एवं प्रबन्ध समिति के माध्यम से करने का निर्णय किया गया। इन्हें आमजन को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने की बात कही गई जिससे वे पर्यावरण के नजदीक रहकर जानकारी प्राप्त कर सके। इसमें उबेश्वर महादेव मंदिर के समीप वन क्षेत्र में नवीन भवन एवं उदयपुर-आबू पर्वत मार्ग पर घाटा नाड़ी वन विश्राम गृह प्रमुख हैं।

स्वर्णिम आभा पार्क प्रस्तावित

कालकामाता जंगल सफारी पार्क से सटी सीसारमा रोड पर एक पार्क का कार्य प्रस्तावित है जिसे गोल्डन थीम बेस पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से स्वर्णिम रंग से मिलती-जुलती पीले रंग की वनस्पति एवं फूलों की प्रजातियों को विकसित किया जाएगा।

बायो डायवर्सिटी पार्क में और लगेंगे पौधे

मेवाड़ बायो डायवर्सिटी पार्क में इस वर्षा ऋतु में विभिन्न प्रजातियों के और पौधे लगाने और निर्माण कार्यों में प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करने का निर्णय किया गया।

जंगल कैम्प बड़ी का शुल्क तय

बड़ी झील के किनारे वन खण्ड कलेर में जंगल कैम्प बड़ी विकसित किया गया है जिसमें ट्रेकिंग एवं व्यू प्वाइंट से प्रकृति प्रेमी वनस्पति एवं प्रदूषण रहित बड़ी झील के अवलोकन का आनन्द ले सकेंगे। इसका प्रवेश शुल्क 10 रुपए रखने का निर्णय हुआ।

ये भी हुए निर्णय

-कालकामाता जंगल सफारी का प्रवेश शुल्क 50 के बजाय 30 रुपए।

-जंगल ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग एवं कैफेटेरिया की सुविधाएं उपलब्ध करवाना।

-वन एवं वन्य जीवों से सम्बन्धित पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध करवाना।

-बर्ड वॉचिंग एवं मोर्निग वॉक के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक प्रवेश नि:शुल्क।

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