Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

परेशानियों से जूझते मरीज व परिजनों की हालत हुई पस्त, सुविधाओं के नाम पर 'जीरो'

Patrika news network Posted: 2017-07-12 12:02:49 IST Updated: 2017-07-12 12:02:49 IST
परेशानियों से जूझते मरीज व परिजनों की हालत हुई पस्त, सुविधाओं के नाम पर 'जीरो'
  • प्रसूता कक्ष में पंखे खराब होने से पसीने में तर परिजन रोगियों को राहत पहुंचाने के लिए साड़ी के पल्लू एवं तख्ती से हवा करते मिले। जनाना वार्ड में एलईडी बदहाल है।

उदयपुर .

हिरणमगरी स्थित सेटेलाइट हॉस्पिटल को आरएनटी मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित करते हुए सरकार ने बेहतर उपचार एवं सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा किया था मगर समस्याएं समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। कुशल संचालन के अभाव में गर्मी के दौरान तपन और छत से टपकते पानी से मरीज बेहाल है। चिकित्सालय में कई जगह पर पंखे खराब हैं। सुविधाओं के नाम पर कूलर और  प्रसूताओं का मानसिक तनाव कम करने के लिए लगाई गई एलईडी परेशानी का सबब बन रही है।



READ MORE: उदयपुर की महिला ने की स्पेन में धार्मिक पदयात्रा, देश की पहली महिला होने का दावा जिसने यह यात्रा पूरी की 



 चिकित्सालय के स्टोर में अवधिपार दवाइयों का जमावड़ा लगा हुआ है तो दूसरे व तीसरे माले पर भर्ती गंभीर  मरीजों  के लिए लिफ्ट की सुविधा महीनों से खराब है।  समस्याओं के समाधान और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर चिकित्सालय प्रशासन के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। गौरतलब है कि प्रतिमाह चिकित्सालय के ओपीडी में 14 से 15 सौ तथा आईपीडी 8 में 10 तक रोगी आते हैं, वहीं प्रसव का आंकड़ा 50 से 60 के बीच है।


इन हालात पर उठ रहे सवाल

चिकित्सालय के प्रवेश से परिसर तक में अव्यवस्थित पार्किंग रोगी वाहनों में बाधाएं खड़ी करती है। बगीचे में जंगली झाडि़यां होने से रोगियों एवं उनके परिजनों को परेशानी होती है। दिन में हॉस्पिटल के बरामदों में अंधेरे छाया रहने के बावजूद अधिकतर बिजली उपकरण बंद रखे जाते हैं। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि मरीजों की भीड़ से बचने के लिए फार्मासिस्ट एमएनडीवाई काउंटर की बिजली बंद रखते हैं।


 प्रसूता कक्ष में पंखे खराब होने से पसीने में तर परिजन रोगियों को राहत पहुंचाने के लिए साड़ी के पल्लू एवं तख्ती से हवा करते मिले। जनाना वार्ड में एलईडी बदहाल है। गर्मी में भी वार्ड के कूलर बंद रहते हैं। सभी वार्डों में गंदी हवा को बाहर फेंकने के लिए लगे एक्जॉस्ट फेन बंद थ। स्टाफ के लिए लगाया गया  वाटर कूलर भी काम नहीं कर रहा है। मरीजों के लिए लगा वाटर कूलर गंदगी से घिरा था। कॉटेज वार्ड में छत से सीपेज की समस्या बनी हुई है। 




READ MORE: Ajab-Gajab: कपड़े उतारे तो भिखारी निकला 'मालामाल', फूले हुए पेट का इस तरह खुला राज




बरसात के बाद दीवारों की फंगस मरीजों के लिए जोखिमपूर्ण है। प्रसूता वार्ड के स्टोर में बहुत सी अवधिपार दवाइयां प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती मिली। दूसरी ओर एमएनडीवाई दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट की बजाय मरीज कम्प्यूटर ऑपरेटर काउंटर का संचालन करते मिले। सफाई के नाम पर व्यवस्थाएं काफी हद तक माकूल मिली। 


पंखे आज ही खराब हुए हैं। लिफ्ट की खराबी दूर करने के लिए अहमदाबाद की निजी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है। फार्मासिस्ट की कमी के लिए नियमित तौर पर सूचनाएं निदेशालय को भिजवाई जा रही है। हमारे प्रयास मरीज को बेहतर उपचार एवं संसाधन मुहैया कराने के हैं। 

जयवंत श्रीमाली, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, सेटेलाइट हिरणमगरी

rajasthanpatrika.com

Bollywood