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अद्भुत [email protected] : ऐसे गुरु दक्षिणा के बारे में आपने भी नहीं सुना होगा कभी, छात्रों ने गुरु को दिया अनोखा तोहफा

Patrika news network Posted: 2017-06-19 11:43:17 IST Updated: 2017-06-19 12:07:39 IST
अद्भुत मिसाल@उदयपुर : ऐसे गुरु दक्षिणा के बारे में आपने भी नहीं सुना होगा कभी, छात्रों ने गुरु को दिया अनोखा तोहफा
  • पटना के आनंद कुमार के सुपर 30 मिशन की तर्ज पर शहर के संजय लुणावत गत डेढ़ वर्ष से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग दे रहे हैं।

भगवती तेली/ उदयपुर

पटना के आनंद कुमार के सुपर 30 मिशन की तर्ज पर शहर के संजय लुणावत गत डेढ़ वर्ष से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग दे रहे हैं। संजय गरीब तबके के बच्चों को कोचिंग के साथ ही एक नेक काम और कर रहे हैं, जो नेत्रदान का बढ़ावा।



टीडी के पास झाबला के सरकारी विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत संजय बताते हैं कि विद्यार्थियों में योग्यता तो होती है, लेकिन उचित मागदर्शन, पढ़ाई व आर्थिक समस्याओं के चलते पिछड़ जाते हैं। 



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शिक्षक होने के नाते हमारा यह कर्तव्य  बनता है कि हम समाज को कुछ दें। एक शिक्षक का कर्तव्य विद्यालय की चारदीवारी में खत्म नहीं होना चाहिए। संजय के साथ नरेश यादव व शुभम जैन भी नि:शुल्क कोचिंग की  सेवा दे रहे हैं। इनकी माय मिशन क्लासेज पर प्रशिक्षु आईपीएस दीपक यादव, भीलवाड़ा के पुलिस अधिकारी रोशन पटेल, ग्रामीण विधायक फू लसिंह मीणा भी दौरा कर चुके हैं। 


दो विद्यार्थियों से हुई शुरूआत

शहर के समीप कानपुर में माय मिशन क्लासेज के बैच की शुरुआत दो विद्यार्थियों से हुई थी। इसके लिए कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को नि:शुल्क कोचिंग की जानकारी दी। देखते ही देखते दो सप्ताह में आसपास के सात गांवों के अस्सी विद्यार्थी आने लग गए, जिनमें 55 छात्राएं शामिल हैं। 



बेहतर मिलती है कोचिंग

मनीषा टांक, निशा डांगी, नागेन्द्र देव, योगिता शर्मा के अनुसार सेन्टर पर सभी विषयों की बेहतर पढ़ाई करवाई जाती है। जिन विषयों की पढ़ाई के लिए बाहर 30 से 40 हजार रुपए देने होते हैं। उससे अच्छे स्तर की पढ़ाई नि:शुल्क होती है। क्षेत्र के आर्थिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों को इससे बहुत फायदा मिल रहा है।



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सिर्फ कोर्निया निकलता है, आंख नहीं

आई बैंक सोसायटी के अध्यक्ष वीएस भण्डारी, सचिव एसएन पोरवाल व टेक्नीशियन नवीन जीनगर के अनुसार नेत्रदान में मृत व्यक्ति की आंख से सिर्फ कोर्निया निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इस दौरान आंख की संरचना में कोई बदलाव नहीं होता है। व्यक्ति की मृत्यु के छह से आठ घंटे के बीच कोर्निया निकाला जा सकता है।  



स्कूल से पहले, बाद में देते हैं कोचिंग

दो बार आरएएस परीक्षा में उत्तीर्ण संजय ने बताया कि वह विद्यालय जाने से पहले एक बैच सुबह 6 से 7.30 तक और विद्यालय से लौटने के बाद दोपहर 2.30 से रात 8 बजे तक पढ़ाते हैं। गर्मी की छुट्टियों में सुबह से देर शाम तक नि:शुल्क बैच चलते हैं। संजय ने माय मिशन की शुरुआत सवीना में 2016 में की थी। वर्तमान में कानपुर स्थित अटल सेवा केन्द्र भवन में नि:शुल्क कोचिंग दे रहे हैं।  



भरवाए संकल्प पत्र 

संजय ने बताया कि बैच पूर्ण होने पर विद्यार्थी गुरुदक्षिणा देना चाहते थे।  मैंने मना कर दिया। सामाजिक हित में उनसे परिवार को विश्वास में लेते हुए नेत्रदान करने की अपील की। इसके बाद संस्था के अध्ययनरत 60 विद्यार्थियों  ने आई बैंक सोसायटी के सदस्यों के सामने रविवार को नेत्रदान के संकल्प पत्र भरे। संजय भी नेत्रदान का संकल्प कर चुके हैं। उन्हें यह प्रेरणा पिता से मिली। इस दौरान  कानपुर उपसरपंच नारायण डांगी, एडवोकेट निशांत बागड़ी, कमलेश अहीर भी उपस्थित थे। 

rajasthanpatrika.com

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