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Video : किसानों के चक्का जाम से हाइवे पर सन्नाटा

Patrika news network Posted: 2017-06-16 20:20:41 IST Updated: 2017-06-16 20:20:41 IST
  • किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी चक्का जाम के समर्थन में शुक्रवार को किसानों ने श्रीगंगानगर जिले में राष्ट्रीय राज मार्ग-62 पर दो जगह चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

श्रीगंगानगर. 


किसान संगठनों के राष्ट्रव्यापी चक्का जाम के समर्थन में शुक्रवार को किसानों ने श्रीगंगानगर जिले में राष्ट्रीय राज मार्ग-62 पर दो जगह चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद किसान तीन घंटे तक राष्ट्रीय राज मार्ग पर जमे रहे। इस दौरान वाहनों की आवाजाही ठप रही और चौबीस घंटे गुलजार रहने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सन्नाटा पसरा रहा। चक्का जाम के कारण यात्रियों को खासी परेशानी हुई। गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। रोगी और सेना के वाहनों को चक्का जाम से मुक्त रखा गया। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों जगह 550 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

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किसान संगठनों ने चक्का जाम के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो स्थानों को चुना। राजस्थान-पंजाब सीमा पर साधुवाली चैकपोस्ट के पास किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना लगाकर चक्का जाम किया। गंगनहर किसान समिति, किसान संघर्ष समिति, अखिल भारतीय किसान सभा तथा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने दोपहर बारह बजे से अपरान्ह तीन बजे तक धरना देकर चक्का जाम किया। इस अवसर पर हुई सभा को कांग्रेस नेता पृथीपाल सिंह संधू, गंगनहर किसान समिति के रणजीत सिंह राजू व संतवीर सिंह मोहनपुरा, किसान संघर्ष समिति के गुरबलपाल सिंह संधू, सुभाष सहगल व अमरसिंह बिश्नोई तथा माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने सम्बोधित किया। चक्का जाम के कारण पंजाब से आने और पंजाब जाने वाले वाहनों को हिन्दुमलकोट मार्ग से निकाला गया। इससे राष्ट्रीय राज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को नहीं मिली।

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अखिल भारतीय किसान सभा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राज मार्ग पर सूरतगढ़ के पास माणकसर चौराहे पर चक्का जाम किया। दोपहर बारह बजे चक्का जाम की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं ने पुराने टायर राष्ट्रीय राज मार्ग पर डाल कर उनमें आग लगा दी। पिछले दिनों आए अंधड़ से टूटी पेड़ोंं की टहनियां भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिखेर दी। चक्का जाम के कारण माणकसर चौराहे के आसपास वाहनों की कतार लग गई। इस जगह पर पूर्व विधायक पवन दुग्गल, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी व केन्द्रीय समिति के सदस्य श्योपत मेघवाल और टिब्बा क्षेत्र किसान संघर्ष समिति के संयोजक राकेश बिश्नोई के नेतृत्व में घड़साना, रावला, अनूपगढ़, श्रीबिजयनगर, रामसिंहपुर और जैतसर क्षेत्र से आए किसानों ने चक्का जाम किया। चक्काजाम के कारण बस यात्रियों को माणकसर चौराहे के पास रेलवे क्रासिंग से सूरतगढ़ तक पैदल सफर करना पड़ा।

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मोदी जिंदाबाद के नारे

किसानों का चक्का जाम केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ था। लेकिन साधुवाली के पास चक्का जाम कर रहे किसानों के साथ आए कुछ लोगों ने मोदी जिन्दाबाद के नारे लगा दिए। यह अचानक हुआ। हुआ यूं कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कुछ पत्रकार आंदोलन के बारे में किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुभाष सहगल से बातचीत कर रहे थे। जैस ही बातचीत खत्म हुई, सहगल के पीछे खड़े याुवकों ने मोदी जिंदाबाद के नारे लगा दिए। यह नारे सुनकर किसान नेता हक्के-बक्के रह गए। तब तक युवकों को अपनी गलती का एहसास हो चुका था। उन्होंने तत्काल मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए तो किसान नेताओं की सांस में सांस आई।

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