Video : पार्षदों ने खोली पोल, हंगामे के बाद बैकफुट पर आए डीएसओ

Patrika news network Posted: 2017-03-20 20:13:28 IST Updated: 2017-03-20 20:13:47 IST
  • वार्ड 44 और वार्ड 48 के कई उपभोक्ताअेां को पिछले छह से आठ महीने का खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं नहीं मिला लेकिन इनके नाम से यह गेहूं राशन डीलर खुद ही हड़प कर गए।

श्रीगंगानगर। 


वार्ड 44 और वार्ड 48 के कई उपभोक्ताअेां को पिछले छह से आठ महीने का खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं नहीं मिला लेकिन इनके नाम से यह गेहूं राशन डीलर खुद ही हड़प कर गए। पार्षदों ने जब इस ऑनलाइन हुई प्रक्रिया की तस्दीक की तो पूरी हकीकत खुद बयां हो गई। पिछले दिनों सीएम ने प्रत्येक उपभोक्ता का खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं उठाव और आवंटन प्रक्रिया की ऑनलाइन को जांचने के लिए वेबसाइट पर एक एप लॉंच किया था, इस एप के माध्यम से इन उपभोक्ताओं के गेहूं वितरण की प्रक्रिया देखी तो पार्षद भी हैरान रह गए। सोमवार अपराहऩ करीब चार बजे पार्षदों डा.भरतपाल मय्यर, रवि चौहान, किशन चौहान, रामस्वरूप नायक, विक्की सिवान, सुभाष गहलोत, रामगोपाल यादव आदि ने नगर परिषद से नारेबाजी करते हुए रसद विभाग पहुंचे। इन पार्षदों ने डीएसओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रसद विभाग में हंगामा कर दिया। इन पार्षदों का कहना था कि राशन डीलर रसद अधिकारियों की मिलीभगत पर गरीबों का गेहूं डकार रहे है। 



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सूचना पर मिलने पर जिला रसद अधिकारी सुनील वर्मा और प्रवर्तन अधिकारीसंदीप गौड़ ने समझाइश का प्रयास किया। पार्षदों के पक्ष में यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रदीप धेरड़ और भाजपा नेता शिव स्वामी भी पहुंचे। भाजपाईयों ने जब तीखे तेवर दिखाएं तो डीएसओ वर्मा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने वार्ड 44 में स्थित आजाद सहकारी उपभोक्ता भंडार उचित मूल्य दुकानदार का लाइसेंस निलम्बित कर दिया। इसके अलावा अन्य डिपो होल्डरों के खिलाफ जांच कराने का आश्वासन दिया। इससे पहले हंगामे को देखते हुए पुलिस बल भी आ गया।


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उपभोक्ता नहीं डीलर की पत्नी बोल रही हूं

जब पार्षदों ने एक उपभोक्ता का राशन कार्ड दिखाया, इस कार्ड में पिछले आठ महीने से राशन सामग्री की कोई एंट्री अंकित नहीं थी। इस कार्ड पर एक मोबाइल नम्बर अंकित था, वह उपभोक्ता की बजाय राशन डीलर की पत्नी का था। जब इस नम्बर पर कॉल की गई तो वह बोली हम कोई उपभोक्ता नहीं राशन डीलर की पत्नी बोल रही हूं। इन मोबाइल नम्बरों से खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं उपभोक्ताओं के नाम से आवंटित किया गया था।


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एेसे हो रही थी राशन सामग्री पार

राशन डीलर पॉस मशीनों से राशन सामग्री वितरित करते है। लेकिन जिन उपभोक्ताओं के हाथ की अंगुलियां का मिलान आधार कार्ड से नहीं होता है तो तीन बार एेसा करने पर उपभोक्ताओं के पहले से फीड कराए गए मोबाइल नम्बर पर एक पासवर्ड जारी हो जाता है। इस पासवर्ड को पॉस मशीन में अंकित करने से यह मशीन ओके कहती है और उपभोक्ताओं का गेहूं,केरोसीन और चीनी का आंवटन किया जाता है। लेकिन राशन डीलर उपभोक्ता की बजाय अपने परिचित या पारिवारिक सदस्यों के मोबाइल नम्बर फीड कर दिए, एेसा करने से उपभोक्ताओं को मिलने वाली राशन सामग्री डीलर खुद ही हड़प करने लगे है। यदि उपभोक्ता का मोबाइल नम्बर है तो राशन सामग्री कीडिलीवरी के बाद यह मैसेज आता है कि आपने राशन सामग्रीआपने प्राप्त कर ली है।

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प्रत्येक दुकान की बनेगी कुंडली

यह सही है कि पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उपभोक्ताओं के राशन सामग्री के कथित डिपो होल्डरों से उठाव की शिकायत की है। इस पर एक डिपो होल्डर का लाइसेंस निलम्बित कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने 436 उचित मूल्य दुकानदारों की सूची भिजवाई है, इन प्रत्येक दुकान की अब कुंडली बनाई जाएगी। इसके लिए जांच टीम को एक एक दुकानदार के यहां भेजा जाएगा। इसके बाद यह जांच रिपोर्ट सरकार को भिजवाएंगे।

- सुनील वर्मा, जिला रसद अधिकारी श्रीगंगानगर। 

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