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Video : आपातकालीन कक्ष में शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा

Patrika news network Posted: 2017-07-14 21:00:27 IST Updated: 2017-07-14 21:00:27 IST
  • राजकीय जिला चिकित्सालय में युवक की मौत को लेकर शुक्रवार दोपहर बाद आपातकालीन कक्ष में युवक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

श्रीगंगानगर. 


राजकीय जिला चिकित्सालय में युवक की मौत को लेकर शुक्रवार दोपहर बाद आपातकालीन कक्ष में युवक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। शहर के वार्ड नंबर 19 बंसती चौक लालचंद की ढाणी (पानी वाली टंकी )के पास निवासी मलकीत सिंह पुत्र जेमल सिंह  (22)का सीने के नीचे दर्द हुआ। इसी वक्त इसके दोस्त सुबह 11.30 बजे उसे जिला चिकित्सालय की आपातकालीन कक्ष में लेकर आए। परिजनों ने बताया कि ड्यूटी डॉक्टर रेखा मित्तल ने युवक को देखकर इंजेक्शन लगा दिया और दर्द की टेबलेट देकर घर भेज दिया। मृतक के युवक के पिता जेमलसिंह का आरोप है कि युवक की कुछ देर बाद घर पर तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। 



इस बीच कुछ समय बाद युवक ने दम तौड़ दिया। इसको लेकर परिजनों व कॉलोनी के लोगों में आक्रोश बढ़ गया और युवक के शव को लेकर जिला चिकित्सालय की आपातकालीन कक्ष में लेकर आए। शव को डॉक्टर ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। युवक के परिजन और कॉलोनी के लोगों ने कहा कि डॉक्टर की उपचार में लापरवाही से युवक की मौत हुई है। चिकित्सालय में हंगामा की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौका पर पहुंच गई और युवक के परिजनों से समझाश करने लगी। पुसिल ने शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवा दिया। युवक के पिता ने कोतवाली पुलिस को लिखित में परिवाद देकर प्रकरण की जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जांच कर कार्रवाई की जाएगी


पीएमओ को भी ज्ञापन देकर इस प्रकरण की विस्तृत जांच करने की मांग की गई। शाम पांच बजे पीएमओ डॉ.सुनीता सरदाना चिकित्सालय में पहुंच कर पार्षद नायक व कॉलोनी के लोग और परिजनों की बातसुन कर कहा कि इस प्रकरण की जांच करवाई जाएगी, यदि जांच रिपोर्ट में डॉक्टर की लापरवाही साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीएमओ के आश्वासन पर परिजनों ने युवक का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति दी है। पार्षद नायक ने कहा कि शनिवार को इस प्रकरण में जिला कलक्टर ज्ञानाराम से मिलकर डॉक्टर व चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस प्रकरण की जांच प्रशासनिक अधिकारी से करवाने की मांग की जाएगी।


पहले कभी युवक बीमार तक नहीं हुआ


युवक के पिता जेमल सिंह का आरोप है कि युवक कभी बीमार तक नहीं हुआ और अचानक दर्द हुआ और चिकित्सालय में आकर आए यहां पर गोली व इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। लड़के की हालत गंभीर थी तो युवक को भर्ती करना था लेकिन डॉक्टर ने भर्ती ना कर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। इस प्रकरण की जांच कर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उपचार पर पार्षद ने उठाए सवाल--वार्ड नंबर 19 के पार्षद रामस्वरूप नायक ने कहा कि चिकित्सालय की डॉक्टर ने युवक के उपचार में लापरवाही बरती है। इसी से युवक की मौत हुई है। युवक की छाती में दर्द हुआ था तो भर्ती कर इको,ईसीजी या अन्य कोई जांच करवाकर उपचार किया जाता, लेकिन डॉक्टर ने इंजेक्शन व दर्द की गोली देकर युवक को घर भेज दिया। पूर्व पार्षद सुरेंद्र स्वामी ने कहा कि चिकित्सालय में डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से बार-बार हादसें हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार के खिलाफ ना भी जांच होती है और ना कोई कार्रवाई। यहां की टीम को जांच देकर खानापूर्ति कर दी जाती है।

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मृतक युवक के परिजनों ने शिकायत दी है इस प्ररकण की जांच करवाई जाएगी। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डॉ.सुनीता सरदाना, पीएमओ, जिला चिकित्सालय,श्रीगंगानगर।

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