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.....और बरसात आई तो कहां जाएगा पानी

Patrika news network Posted: 2017-06-18 21:51:14 IST Updated: 2017-06-18 21:51:14 IST
.....और बरसात आई तो कहां जाएगा पानी
  • अगले चौबीस घंटे में यदि शहर में फिर से चौंतीस एमएम बरसात हुई तो पानी कहां जाएगा।

श्रीगंगानगर.

अगले चौबीस घंटे में यदि शहर में फिर से चौंतीस एमएम बरसात हुई तो पानी कहां जाएगा। शहर में पानी की निकासी के इंतजाम फेल हो सकते हैं। सद्भावनानगर, पुरानी आबादी और गुरुनानक बस्ती के गड्ढे पानी से इतने लबालब हो चुके हैं कि वहां अब पानी की मात्रा बढ़ी तो यह पानी बैक मारने लगेगा और शहर से पानी की निकासी जिला प्रशासन के लिए यह चुनौती होगी। इसके साथ साथ ब्लॉक एरिया और जवाहरनगर एरिया में बरसाती पानी को पम्पसैटों की मदद से पार्कों में डलवाया गया। नगर परिषद अमले ने रामलीला मैदान, सुखाडि़या पार्क, जी ब्लॉक शहीद भगतसिंह पार्क, एल ब्लॉक पंडित दीनदयाल वाटिका, विनोबा बस्ती पार्क, जवाहरनगर इंदिरा वाटिका में पानी डलवाने के लिए शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक सक्रियता दिखाई। वहीं सुखाडि़या मार्ग पर जुबिन हॉस्पिटल के पास सड़क का लेवल नीचे होने के कारण वहां पानी का भराव रहा। यहां तक कि मीरा चौक के पास भाजपा कार्यालय बरसाती पानी से रविवार शाम तक घिरा हुआ नजर आया।

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वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम : कहीं चले, कहीं जाम

बरसाती पानी निकासी के विकल्प के रूप में नगर परिषद प्रशासन ने जिन स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया हुआ था वहां अधिकांश फेल नजर आए। एल ब्लॉक, जी ब्लॉक, रामलीला मैदान और बिहाणी खेल मैदान के पास बने वाटर हार्वेसिस्टंग सिस्टम चौक रहे, एेसे में आसपास पार्को में टैंकरों की मदद से पानी को उठाव कर डलवाया गया। दूसरी ओर पुरानी आबादी और गुरुनानक बस्ती के गड्ढे पास चौबीस घंटे पम्पों से पानी को लिफ्ट किया गया।


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काश, पहले साफ करवाए होते नाले साफ

शहर के मुख्य नालों की समय पर सफाई नहीं हुई, नतीजन नाले इतने ओवरफ्लो हो गए कि पानी नालों की बजाय सड़कों पर पसर गया। रविवार रात तक पानी की निकासी बाधित रही। हालांकि नगर परिषद और नगर विकास न्यास के कागजों में नालों की समुचित सफाई का दावा किया गया, इन नालों को साफ करने के एवज में मोटा बिल भी उठाया जा चुका है। आपसी खींचतान में लगे पार्षदों ने इस समस्या को कभी गंभीरता से उठाया तक नहीं, नतीजन स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर महज खानापूर्ति होती रही। 

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