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कागजों में ही जारी है मेडिकल कॉलेज की कवायद

Patrika news network Posted: 2017-07-15 08:06:28 IST Updated: 2017-07-15 08:06:28 IST
कागजों में ही जारी है मेडिकल कॉलेज की कवायद
  • कागजों और फाइलों में अब भी बी.डी. अग्रवाल राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के निर्माण की कवायद जारी है। जिला कलक्टर ने राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के बारे में एक चिठी लिखी है।

श्रीगंगानगर.

कागजों और फाइलों में अब भी बी.डी. अग्रवाल राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के निर्माण की कवायद जारी है। जिला कलक्टर ने राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के बारे में एक चिठी लिखी है। यह चिठी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के संबंध में ही है और इसमें मेडिकल कॉलेज की योजना का पूरा ब्यौरा है। 


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पीपीपी मोड पर  सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने का जिम्मा उद्योगपति बी.डी. अग्रवाल ने लिया था और 12 सितम्बर 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथों से इसका शिलान्यास भी करवा दिया। अग्रवाल ने जुलाई 2014 से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षा शुरू करवाने की घोषणा की थी। लेकिन इसी वर्ष के अंत में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता भाजपा के हाथ में आने के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर विराम लग गया। निर्माण स्थल पर डाली गई सामग्री भी उठा ली गई।

कॉलेज की सभी औपचारिकताएं पूरी

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। भवन का नक्शा एप्रूव हो चुका है और निर्माण के लिए कमेटी का गठन भी हो चुका है। दानदाता ने जिन व्यवस्थाओं की मांग की थी उन पर भी सहमति बन चुकी है। मई के प्रथम सप्ताह में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन की अध्यक्षता में हुई बैठक में दानदाता नेे मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण शुरू करवाने की सहमति भी दे दी थी।

सुगबुगाहट शुरू

दानदाता अग्रवाल ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मापदंडों के अनुसार पुराने राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में चार सौ बेड का अस्पताल बनाने और मेडिकल कॉलेज का निर्माण करवाने की सहमति सरकार को दी तो चार सौ बेड के अस्पताल के लिए सीएमएचओ आवास की भूमि पर मल्टीस्टोरी अस्पताल बनाने का फैसला हुआ। लेकिन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के 700 बेड का अस्पताल मेडिकल कॉलेज के साथ ही होने की शर्त ने इस योजना पर पानी फेर दिया। 



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इसके बाद नए राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में ही चार सौ बेड के अस्पताल के लिए जगह चिन्हित की गई है।

निर्माण में अब कोई बाधा नहीं 

मेडिकल कॉलेज के संबंध में मई के प्रथम सप्ताह में हुई बैठक में जो चर्चा हुई थी और जो निर्णय किए गए थे, उसके आधार पर एक चिठी  तैयार कर सचिव (स्वास्थ्य शिक्षा सेवाएं ) को भिजवा दी है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में अब किसी भी प्रकार की बाधा नहीं। सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है।

ज्ञानाराम, जिला कलक्टर श्रीगंगानगर

rajasthanpatrika.com

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