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सरकार ने फिर कहा एटा-सिंगरासर के लिए पानी नहीं

Patrika news network Posted: 2017-06-16 22:20:47 IST Updated: 2017-06-16 22:20:47 IST
सरकार ने फिर कहा एटा-सिंगरासर के लिए पानी नहीं
  • सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि इंदिरा गांधी नहर से एटा-सिंगरासर क्षेत्र को देने के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध नहीं है।

श्रीगंगानगर. 


सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि इंदिरा गांधी नहर से एटा-सिंगरासर क्षेत्र को देने के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध नहीं है। सरकार की ओर से यह बयान 14 जून को जयपुर में किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति के किसी नेता की ओर से पानी उपलब्ध होने के दावे को लेकर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस बैठक के बाद एटा सिंगरासर माइनर आंदोलन से जुड़े अखिल भारतीय किसान सभा की केन्द्रीय समिति के सदस्य श्योपत मेघवाल के हवाले से सोशल मीडिया पर यह बयान वायरल हुआ था कि एटा-सिंगरासर माइनर के लिए इंदिरा गांधी नहर में पानी उपलब्ध है।

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सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया है कि किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि एटा-सिंगरासर क्षेत्र के गांवों को वर्तमान में सिंचाई के लिए पानी देना संभव नहीं है। विशेषज्ञ समिति भी अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख कर चुकी है। इस पर बैठक में मौजूद किसान प्रतिनिधियों ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी , जिस पर उन्हें रिपोर्ट की प्रति शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।

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प्राथमिकता तय नहीं

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसान प्रतिनिधियों ने बैठक में आने वाले समय में वर्तमान के मुकाबले अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने पर उसकी प्राथमिकता तय करने की मांग भी उठाई थी। लेकिन सरकार ने साफ-साफ कह दिया कि अभी यह अनुमान लगाना संभव नहीं कि कितने समय में कितना अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। अतिरिक्त उपलब्ध पानी के उपयोग की प्राथमिकता तय नीति के अनुसार उचित समय पर की जाएगी।

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सरकार की नीति साफ

एटा- सिंगरासर क्षेत्र को सिंचाई पानी के मामले में सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। इसके विपरीत टिब्बा क्षेत्र संघर्ष समिति के संयोजक राकेश बिश्नोई का कहना है कि इस मुद्दे पर अभी दूसरे दौर की वार्ता श्रीगंगानगर में होनी है। जल संसाधन विभाग एेसी कोई वार्ता होने से इनकार कर रहा है। मुख्य अभियंता उत्तर क्षेत्र आरके चौधरी भी फिलहाल इंदिरा गांधी नहर में अतिरिक्त पानी नहीं होने की बात कह चुके हैं। कुल मिलाकर सरकार और किसान नेताओं की ओर से जारी बयानों ने उन किसानों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है जो दो साल से पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे।

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