video: जिला चिकित्सालय में प्रसूता व परिजनों के लिए बनेगी कैंटिन

Patrika news network Posted: 2017-05-20 06:31:53 IST Updated: 2017-05-20 06:56:58 IST
  • राजकीय जिला चिकित्सालय के आधुनिक मदर चाइल्ड यूनिट (एमसीएचयू) में भर्ती गर्भवती और प्रसूताओं और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए कैंटिन और बैटिंग रूम का निर्माण करवाया जाएगा।

श्रीगंगानगर.

राजकीय जिला चिकित्सालय के आधुनिक मदर चाइल्ड यूनिट (एमसीएचयू) में भर्ती गर्भवती और प्रसूताओं और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए कैंटिन और बैटिंग रूम का निर्माण करवाया जाएगा। एनएचएम में इसके लिए 19 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। चिकित्सालय प्रबंधन ने इसके लिए एमसीएचयू और कॉटेज वार्ड के बीच की जगह को चिन्हित किया गया है। 



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कैंटिन व वैटिंग रूम का निर्माण होने से यहां पर भर्ती होने वाली गर्भवती, प्रसूता व नवजात बच्चों और इनके साथ आने वाले परिजनों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। एनएचएम के अधिशासी अभियंता आरके माथुर ने बताया कि चिकित्सालय प्रबंधन को राशि मंजूर होने के बारे में अवगत करवाया दिया है और वहां जगह फाइनल करने के बाद आगे की ड्राइंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में चिकित्सालय प्रबंधन को लिख दिया है। चिकित्सालय प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही जगह का जायजा लेने के लिए एक्सईएन मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। 



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इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वैटिंग रूम का निर्माण होने पर एमसीएचयू में भर्ती होने वाले रोगियों के परिजनों को सर्दी और गर्मी में बैठने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में रोगी के परिजनों के लिए एमसीएचयू में बैठने के लिए कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। 50 बैड का एमसीएचयू का होगा निर्माण-- आधुनिक मदर चाइल्ड यूनिट (एमसीएचयू) 50 बैड का पौने पांच करोड़ रुपए का पहले बना हुआ है। गर्भवती और प्रसूताएं अधिक होने पर इसका विस्तार करने का निर्णय किया गया है। अब 50 बैड का एमसीएचयू का निर्माण कर विस्तार किया जाएगा। यहां पर एमसीएचयू 100 बैड का किया जाएगा। इसके लिए राशि पहले ही मंजूर हो चुकी है लेकिन निर्माण कार्य के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। इसके लिए पहले नर्सिंग कार्मिकों के आठ क्वार्टरों को तोडऩा तय किया है। 



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चिकित्सालय में 19 लाख रुपए की लागत से एमसीएचयू में भर्ती होने वाले रोगियों के परिजनों के लिए कैंटिन और वैटिंग हॉल का निर्माण किया जाएगा। इसकी स्वीकृति मिल चुकी है और जगह भी तय कर दी गई है। कॉटेज और एमसीएचयू के बीच की जगह पर बनाई जाएगी। डॉ.सुनीता सरदाना, पीएमओ, जिला चिकित्सालय, श्रीगंगानगर।

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