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अवमानना मामला: अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बिना शर्त मंजूर किया माफीनामा

Patrika news network Posted: 2017-07-14 16:34:34 IST Updated: 2017-07-14 16:34:34 IST
अवमानना मामला: अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बिना शर्त मंजूर किया माफीनामा
  • सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के 'बिना शर्त' माफीनामे को शुक्रवार को स्वीकार कर लिया और उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला बंद कर दिया।

नई दिल्ली।

 सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के 'बिना शर्त' माफीनामे को शुक्रवार को स्वीकार कर लिया और उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला बंद कर दिया। 


ठाकुर ने न्यायालय की फटकार के बाद गुरुवार को बिना शर्त माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उनका शीर्ष अदालत का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। भाजपा नेता और हमीरपुर से सांसद ठाकुर से सात जुलाई को उच्च न्यायालय ने माफी मांगने के लिए कहा था ताकि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला खत्म किया जा सके। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान माफीनामे पर गौर फरमाया और उसे अपने आदेश के अनुकूल पाया। इसके बाद उनके खिलाफ अवमानना का मामला खत्म कर दिया। 


ठाकुर पर हलफनामा देकर झूठ बोलने (परजुरी) का आरोप था। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष ने अदालत में दायर अपने शपथ पत्र में कहा था कि मैंने अदालत की गरिमा को जानबूझकर कभी भी ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं की और गलत जानकारी तथा संवादहीनता के कारण कुछ गलतफहमी पैदा हो गई। मैं इसलिए अदालत में बिना शर्त माफी मांगता हूं।


शीर्ष अदालत ने गत सात जुलाई को पिछली सुनवाई के दौरान ठाकुर को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का आदेश दिया था और कहा था कि माफीनामे की भाषा एकदम स्पष्ट होनी चाहिए और इसमें किसी तरह का घालमेल नहीं होना चाहिए। दरअसल, शीर्ष अदालत ने ठाकुर से कहा था कि अगर उनके खिलाफ यह साबित हो जाता है कि उन्होंने बीसीसीआई में सुधार पर अड़ंगा नहीं लगाने की झूठी शपथ ली है तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है। ठाकुर ने इस मामले में अदालत से माफी मांगी थी। 


शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह उनके खिलाफ मुकदमा वापस लेने को तैयार है, लेकिन माफी की भाषा स्पष्ट होनी चाहिए। दरअसल, पिछले साल 15 दिसंबर को अदालत ने कहा था कि प्रथम ²ष्टया ठाकुर पर न्यायालय की अवमानना और झूठी गवाही का मामला बनता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को पत्र लिखकर बोर्ड में सुधारों की प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने की कोशिश की थी। ठाकुर ने इस बात से इनकार किया था कि उन्होंने आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर को ऐसा कोई पत्र लिखा था। 

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