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रबड़ी में नशीला पदार्थ खिलाकर ले उड़े नगदी व जेवरात, तीन अभियुक्तों को दस-दस साल के कारावास की सजा

Patrika news network Posted: 2017-06-18 12:22:52 IST Updated: 2017-06-18 12:22:52 IST
रबड़ी में नशीला पदार्थ खिलाकर ले उड़े नगदी व जेवरात, तीन अभियुक्तों को दस-दस साल के कारावास की सजा
  • सफर के दौरान एक महिला यात्री को सह महिला यात्रा द्वारा आबूरोड में नशीला पदार्थ मिली रबड़ी खिलाने के बाद उसके जेवरात व नगदी ले उडऩे के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त महिला व उसके दो साथी अभियुक्तों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।

आबूरोड

करीब दो साल पूर्व चंडीगढ़-बांद्रा एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला यात्री को सह महिला यात्रा द्वारा आबूरोड में नशीला पदार्थ मिली रबड़ी खिलाने के बाद उसके जेवरात व नगदी ले उडऩे के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त महिला व उसके दो साथी अभियुक्तों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों अभियुक्तों को दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन के अनुसार बांद्रा (मुम्बई) निवासी शांतिदेवी पत्नी प्रभुलाल दिल्ली में अपनी बेटी से मिलकर बहू के साथ 5 अप्रेल,2015 को चंडीगढ़-बांद्रा एक्सप्रेस में वापस बांद्रा लौट रही थी। सफर के दौरान एक महिला सहयात्री  ने शांति से परिचय कर उसका विश्वास जीत लिया। आबूरोड स्टेशन आने पर उस महिला सहयात्री ने नशीला पदार्थ मिली रबड़ी शांतिदेवी को खिलाई। बाद में ट्रेन जब सूरत पहुंची, तब शांतिदेवी की बहू ने शांतिदेवी को जगाया तो उसके कानों से सोने के झुमके, हाथ में पहनी अंगुठियां व गले से सोने का नेकलेस गायब देखने पर उसे बताया। हड़बड़ाई शांतिदेवी ने पर्स देखा तो पर्स में से नगदी भी गायब मिली। सास-बहू ने मुम्बई पहुंचने के बाद बांद्रा जीआरपी में जीरो नम्बरी एफआईआर दर्ज करवाई और मेडिकल करवाया। बांद्रा जीआरपी ने जीरो नम्बरी एफआईआर व मेडिकल रिपोर्ट जीआरपी के अजमेर एसपी को भेजी। अजमेर एसपी ने उसे आबूरोड थाने भेजकर मामला दर्ज करवाया। तत्कालीन जीआरपी थानेदार शम्भुसिंह ने मामले में जांच के दौरान सहयात्री का पता लगाया तो पता चला कि महिला सहयात्री सुनीता उर्फ छाया बाबू पाटिल और निवासी गुडग़ांव होने का पता चला। पुलिस ने उसे अलवर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि उसे नशीला पदार्थ उसके साथी गुडग़ांव निवासी शम्भुसिंह उर्फ सुरजीत सिंह पुत्र त्रिवेणीसिंह व उत्तम तिवारी पुत्र लल्लन तिवारी ने मयस्सर करवाया था, तो पुलिस ने उन दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दायर किया। मामले में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक धर्मेन्द्र पुरोहित ने बाईस गवाह परीक्षित करवाए। सुनवाई व गवाहों के बयान के बाद अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश-दो सतीशकुमार व्यास ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त सुनीता उर्फ छाया बाबू पाटिल पत्नी शम्भुसिंह, शम्भुसिंह उर्फ सुरजीतसिंह व उत्तम तिवारी को षडयंत्रपूर्वक जहरखुरानी व जेवरात लुटने का दोषसिद्ध करार देकर तीनों की दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों को दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


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