गर्मियों में आपको प्यासा रखने वाला है जलदाय विभाग, हकीकत कर देगी परेशान

Patrika news network Posted: 2017-05-12 15:54:29 IST Updated: 2017-05-12 15:54:29 IST
गर्मियों में आपको प्यासा रखने वाला है जलदाय विभाग, हकीकत कर देगी परेशान
  • गर्मियों में पानी की गुणवत्ता और किल्लत को लेकर हर बार हायतौबा मचती है। इसके बावजूद जलदाय विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है।

सीकर

गर्मियों में पानी की गुणवत्ता और किल्लत को लेकर हर बार हायतौबा मचती है। इसके बावजूद जलदाय विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं है।  हाल यह है कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में तहत विभाग की वेबसाइट 'एनआरडीडब्ल्यू' पर प्रदेश के गांवों में उपलब्ध पानी, पेयजल स्रोत, आबादी और गुणवत्ता को लेकर आंकड़े दो वर्ष से अपडेट नहीं है। यही कारण है कि कार्यक्रम के तहत बनने वाली योजनाएं कारगर नहीं हो पाती हैं। केन्द्र सरकार ने वर्ष 2011 में पेयजल किल्लत प्रभावित क्षेत्रों के लिए कार्यक्रम लागू किया था।




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डेटाबेस


राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गांव की आबादी, पशुओं की संख्या, पेयजल के संसाधन, आपूर्ति की व्यवस्था, पेयजल की मांग सहित पानी से संबंधित अन्य जानकारियां होगी। इस डेटाबेस को तैयार करने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों की टीम गांव-गांव जाएगी। जहां ग्रामीणों से पानी की समस्या से संबधित चर्चा की जाएगी। 




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ग्राम पंचायत नहीं दिखाती रूचि 


डेटाबेस तैयार करने के लिए विभाग के पास टीम नहीं है। इसके अलावा ग्राम पंचायत भी डेटाबेस तैयार करने के लिए विभाग का सहयोग नहीं करती है। इस कारण विभाग के पास दो वर्ष से डेटा अपडेट नहीं है। 

विलेज एक्शन प्लान के तहत डेटाबेस अपडेट नहीं हो रहे हैं। डेटाबेस तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या से कुछ निजात मिल जाएगी।

आरके राठी, एक्सईएन जलदाय विभाग 

ग्रामीण इलाकों में तकनीकी कर्मचारियों का दल नहीं है। इस कारण जलदाय विभाग की योजनाएं सही तरीके से तैयार नहीं हो पाती हैं। 

रामवतार महला, सदस्य, जलदाय विभाग 

rajasthanpatrika.com

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