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सरकार ने मरीजों को खिला दी नकली दवाएं

Patrika news network Posted: 2017-06-15 02:34:11 IST Updated: 2017-06-15 02:34:11 IST
सरकार ने मरीजों को खिला दी नकली दवाएं
  • सरकार खुद आमजन की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। सरकारी अस्पतालों में पिछले पांच महीनों से कैल्सियम व विटामिन की नकली दवाएं बांटी जा रही थी।

सीकर.

सरकार खुद आमजन की सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। सरकारी अस्पतालों में पिछले पांच महीनों से कैल्सियम व विटामिन की नकली दवाएं बांटी जा रही थी। करीब दस हजार गोलियां तो मरीजों के पेट में चली गई। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी ने बुधवार को नमूनों की रिपोर्ट आने पर जिला औषधि भंडार में कैल्सियम व विटामिन की चार लाख से अधिक गोलियों को सीज किया है। साथ ही जिन केन्द्रों पर उक्त बैच की दवाएं भेजी जा चुकी है। उन्हें वापस मंगवाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि फरवरी 2017 में माडर्न लेबोरेट्री की केल्यियम केल्सिफोरल साल्ट की दवाओं के नमूने लिए गए थे।

दस हजार गोलियां बांटी

जिला औषधि केन्द्र पर जनवरी माह में तीन लाख 96 हजार दवाओं की आपूर्ति की गई थी। जहां से सीएचसी व पीएचसी में ये दवाएं भेजी गई थी। इन दवाओं के शुरूआती नमूने फेल आने पर औषधि नियंत्रण अधिकारी मनोज गढ़वाल ने इन दवाओं के ओर नमूने लिए। जिनकी अवमानक रिपोर्ट आई। इसके बाद जिला औषधि केन्द्र से तीन लाख 85 हजार दवाओं को सीज कर दिया गया। ड्रग इन्सपेक्टर गुरुवार को जयपुर मुख्यालय के अधिकारियों से इन्दौर से दवा भेजने वाली कम्पनी पर कार्रवाई की लिखित अनुशंषा करेंगे।

एक लैब बनी परेशानी

औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने में तीन से चार माह तक लग रहे हैं। जांच के लिए एक लैब होने के कारण परेशानी आती है। जब तक रिपोर्ट आती है तब तक संबंधित बैच की अधिकांश दवा मरीजों के पेट में चली जाती है। पिछले कुछ माह की रिपोर्ट की देखी जाए तो दवा को जिस मानक का बता कर भेजा जाता है उसके नमूने में उतनी मात्रा नहीं निकल पाती है।

rajasthanpatrika.com

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