Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

EXCLUSIVE: आरटीआई से हुआ खुलासा, बिना लॉग बुक भरे दो वर्षो तक उठाते रहे डीजल की राशि, आप भी चौंक जाएंगे जब पढ़ेंगे यह खबर

Patrika news network Posted: 2017-07-09 09:37:15 IST Updated: 2017-07-09 09:37:15 IST
EXCLUSIVE: आरटीआई से हुआ खुलासा, बिना लॉग बुक भरे दो वर्षो तक उठाते रहे डीजल की राशि, आप भी चौंक जाएंगे जब पढ़ेंगे यह खबर
  • आमजन को कायदे सिखाने वाले अधिकारी खुद नियमों को तोड़ रहे है। आम लोगों को तो कागजी कार्रवाई के बिना कुछ नहीं मिलता है। लेकिन जब बात अपनों की हो कायदे ताक पर रख दिए गए।

अजय शर्मा, सीकर

आमजन को कायदे सिखाने वाले अधिकारी खुद नियमों को तोड़ रहे है। आम लोगों को तो कागजी कार्रवाई के बिना कुछ नहीं मिलता है। लेकिन जब बात अपनों की हो कायदे ताक पर रख दिए गए।  जिले में बिना लॉग बुक भरे दो वर्ष तक डीजल की राशि उठाने का मामला सामने आया है। एक जने ने आरटीआई से लॉग बुक की जानकारी मांगी तो इसका खुलासा हुआ है।  मामला जिले के तत्कालीन रसद अधिकारी ताराचंद गोठवाल ने जुड़ा है। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जांच कराने की बात कही है। वहीं जिला पूल ने तत्कालीन अधिकारी को पत्र लिखकर लॉग बुक की कॉपी मांगी है। आरटीआई की कॉपी नहीं दी गई है।






Read also:

कॉलेज में एडमिशन नहीं होने पर टंकी पर चढ़ा छात्र, कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप






नोटिस जारी किया


जिला पूल के प्रभारी का कहना कि तत्कालीन डीएसओ को जल्द लॉग बुक की कॉपी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया है। यदि जल्द कॉपी नहीं मिलती है तो जिला कलक्टर के जरिए विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। 

सब की चुप्पी


इस मामले के खुलासे की शुरूआत एक आरटीआई आवेदन से हुई। जैसे ही आवेदन आया तो स्थानीय अधिकारी व कर्मचारियों के होश उड़ गए, क्योंकि लॉग बुक का कहीं कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। इसके बाद जिला पूल से सम्पर्क किया तो पता लगा कि यहां भी कोई जानकारी नहीं है। आरटीआई आवेदन की अपील को देखते हुए अब तत्कालीन अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।


...भुगतान क्यों?


हर विभाग की गाडि़यों को जिला पूल की ओर से डीजल दिया जाता है। इसके लिए हर महीने अधिकारी की ओर से कलक्ट्रेट के पूल में लॉग बुक की जानकारी भिजवानी होती है। लेकिन तत्कालीन रसद अधिकारी ने कोई जानकारी नहीं भिजवाई। इसके बाद भी भुगतान कर दिया गया। सवाल है कि क्या मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया गया।


जांच कराई जाएगी: कलक्टर


बिना लॉग बुक भरे जिला पूल के डीजल दिलाना गंभीर लापरवाही है। यदि इस तरह का मामला है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। आरटीआई में जानकारी भी दिलाई जाएगी।  -नरेश कुमार ठकराल, जिला कलक्टर, सीकर

rajasthanpatrika.com

Bollywood