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यहां है कुछ ऐसा आते ही भाग जाते हैं मरीज, खबर पढ़कर आपको भी होगी हैरानी

Patrika news network Posted: 2017-05-15 15:07:20 IST Updated: 2017-05-15 15:07:20 IST
यहां है कुछ ऐसा आते ही भाग जाते हैं मरीज, खबर पढ़कर आपको भी होगी हैरानी
  • कस्बे का सरकारी अस्पताल 2012 में पीएचसी से सीएचसी बना। तब लोगों ने सोचा कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेगी। लेकिन अस्पताल में सुविधाओं की कमी आज भी मरीजों को दर्द दे रही है। चिकित्सा राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया के गृह विधानसभा क्षेत्र खंडेला में होने के बावजूद भी अस्पताल में सुविधाओं के नाम का टोटा है

दिनेश कुमार सैनी, कांवट

कस्बे का सरकारी अस्पताल 2012 में पीएचसी से सीएचसी बना। तब लोगों ने सोचा कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेगी। लेकिन अस्पताल में सुविधाओं की कमी आज भी मरीजों को दर्द दे रही है। चिकित्सा राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया के गृह विधानसभा क्षेत्र खंडेला में होने के बावजूद भी अस्पताल में सुविधाओं के नाम का टोटा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं भी कांवट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दम तोड़ती दिखाई दे रही है। कांवट सीएचसी क्षेत्र के दर्जनों गांवों व ढाणियों से जुड़ा होने के कारण यहां काफी तादाद में मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। कहने को तो यह अस्पताल सीएचसी स्तर का है लेकिन यहां पर एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक को नहीं लगा रखा है। सुविधाओं के अभाव मे मरीजों को तीस किमी दूर जाकर नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर व अजीतगढ़ जाकर इलाज करवाना पड़ता है। कांवट सीएचसी में पिछले कई दिनों से एक दर्जन से अधिक पद रिक्त चल रहे है। फिलहाल यहां पर चिकित्सकों में एसएमओ01, जनरल मेडिसन 01, जनरल सर्जन 01, सामान्य चिकित्सक 01, मेलनर्स द्वितीय के चार पद, क्लर्क एक पद, लैब टेक्नीशियन 01, रेडियोग्राफर 01, वार्ड ब्यॉय 03, स्वीपर का एक पद रिक्त है। इसके अलावा अस्पताल में तीन चिकित्सकों को पद विरुद्ध लगा रहा है तथा एक मेल नर्स द्वितीय को डेपुटेशन पर चौकड़ी पीएचसी में लगा रखा है। 




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पूर्व चिकित्सा मंत्री की घोषणा अधूरी


अस्पताल में काफी समय से लोग सोनोग्राफी मशीन की मांग कर रहे है। 28 अगस्त 2016 को सीएचसी भवन के लोकार्पण समारोह मे पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने 15 दिन मे सोनोग्राफी मशीन लगाने की घोषणा की थी। लेकिन नौ माह बीत जाने के बाद भी चिकित्सा मंत्री की घोषणा पूरी नही हुई। ऐसे मे अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन नहीं लगने से लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश है।




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गायनिक की मांग


अस्पताल के क्रमोन्नति के बाद से ही लगातार स्त्री रोग विशेषज्ञ की मांग उठ रही है। हालांकि सीएचसी भवन के लोकार्पण के दौरान चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने लोगों की मांग पर फतेहपुर से गायनिक चिकित्सक को कांवट सीएचसी में लगाया था। कुछ दिन बाद भी चिकित्सक को फिर से यहां से हटा लिया गया।





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शव लेकर भटकती है पुलिस


कई बार सड़क हादसे आदि में मौत हो जाने पर सीएचसी में मोर्चरी नहीं होने से पुलिस शव लेकर भटकती है। बाद में थोई या अजीतगढ़ अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाना पड़ता है।

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