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इस बार नहीं मिल सकेगा 23 हजार लोगों को ये जरूरी सामान

Patrika news network Posted: 2017-04-21 16:42:30 IST Updated: 2017-04-21 16:42:30 IST
इस बार नहीं मिल सकेगा 23 हजार लोगों को ये जरूरी सामान
  • भले ही पात्र तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार की हो, लेकिन सरकार खुद नित नए प्रयोग से राशन उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाती जा रही है। जिले में इस बार 23 हजार लोग राशन से वंचित रह गए।

सीकर

भले ही पात्र तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार की हो, लेकिन सरकार खुद नित नए प्रयोग से राशन उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाती जा रही है। जिले में इस बार 23 हजार लोग राशन से वंचित रह गए। पॉश मशीन से ही राशन वितरण की अनिवार्यता के कारण पिछले कई दिन से चक्कर लगाने के बावजूद संतोषप्रद जवाब नहीं मिल पा रहा है। पॉश मशीन से राशन मिल पाएगा या नहीं इस दिशा में कोई जिम्मेदार काम नहीं कर रहा है। सभी जिम्मेदार एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर इतिश्री कर रहे हैं। गौरतलब है कि सीकर जिले में प्रति माह तीन लाख 37 हजार से ज्यादा लोगों को राशन वितरित किया जाता रहा है।





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रजिस्टर बंद करने से बढ़ी परेशानी


राशन वितरण के मामले में पॉश मशीन की अनिवार्यता होने से लोगों को राशन नही मिल रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद भी रसद विभाग पॉश मशीन की धीमी गति वाले क्षेत्रों में राशन वितरण रजिस्टर के जरिए नहीं करवा रहा है। आक्रोशित उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उपभोक्ता पखवाड़ा के दौरान क्षेत्र विशेष पर ध्यान दिया जा रहा है। जिससे मशीन के जरिए राशन वितरण के लक्ष्य पूरे हो सके।


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हजारों आवेदन हैं पेडिंग


राशन विक्रेताओं ने बताया कि सरकार की पॉश मशीन की जिद्द के कारण लोगों को समय पर राशन नहीं मिलता है। रोजाना एक मशीन औसतन पांच से छह लेन-देन ही हो रहे हैं। आधार कार्ड की सीडिंग नहीं होने से मशीन लेन-देन को निष्क्रियबता देती है। राशन डीलर्स ने आरोप लगाया कि मशीन के सर्वर की क्षमता बढ़ाना विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा डीलर्स को भुगतना पड़ रहा है। रसद विभाग में डी डुप्लीकेट राशन कार्ड और पॉश मशीन में जीरो बैलेंस दिखाने की समस्या के कई आवेदन लम्बित है।


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सिग्नल रोकता है लेनदेन


राशन वितरण में एक साथ प्रदेश की 27 हजार मशीन चलती है। प्रत्येक मशीन में आधार कार्ड, राशन कार्ड, खाद्य सुरक्षा सूची व रसद विभाग की साइट एक साथ चलती है। मशीन की क्षमता कमजोर होने के कारण एक साथ चार साइट खुलते ही हैंग हो जाती है। डीलर्स ने बताया कि शहरी क्षेत्र मेंं कई डीलर्स ने 4 जी की सिम भी काम में लेकर देख लिया है, इससे सिग्नल तो आ जाता है लेकिन लेन-देन नहीं हो पाता है।

आधार लिंक नहीं होने की स्थिति में मोबाइल पर ओटीपी के जरिए होने वाली वितरण नहीं किया जा रहा है। एसडीएम के पास आवेदन करके पात्र लोग अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची में जुड़वा सकते हैं।

राम सिंह मीणा, जिला रसद अधिकारी

rajasthanpatrika.com

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