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वक्त की पाबंदी सिखाता है रमजान, आप भी जाने इस खबर में....

Patrika news network Posted: 2017-06-11 08:54:29 IST Updated: 2017-06-11 08:54:29 IST
वक्त की पाबंदी सिखाता है रमजान, आप भी जाने इस खबर में....
  • रमजान में लोग वक्त की पाबंदी सिखते है। रोजे में सहरी करना, इफ्तार करना, तरावीह पढऩा इनकी अदायगी का एक मुकरर्र वक्त होता है।

सीकर.

रमजान का महीना बंदे को वक्त की पाबंदी सिखाता है। चूड़ी मियान की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना निहाल अहमद अशरफी ने बताया कि रोजे में सहरी करना, इफ्तार करना, तरावीह पढऩा इनकी अदायगी का एक मुकरर्र वक्त होता है। रोजादार अल्लाह तआला के फर्ज निभाते हुए दिन-रात में वक्त का पाबंद हो जाता है। जिसमें वक्त की पाबंदी के साथ रोजेदार की दिनचर्या खाने पीने, सोने, उठने, कुरान की तिलावत, नफिल नमाजों में बंध जाती है। एेसे में पांच वक्त की नमाज अदा करते हुए रोजा रखना, तरावीह पढऩा रोजेदार की विशेष अदायगी का हिस्सा बन जाती है। 


इफ्तारी का आयोजन


शहर में कई जगह रोजेदार सामूहिक रोजा इफ्तारी में शामिल हो रहे हैं। एक जाजम पर बैठकर रोजा खोलना और इसके बाद अमन चैन की दुआ के साथ इफ्तारी करना। इनकी इबादत बनती जा रही है।  रोजेदारों का कहना है कि रोजा खुलवाना भी सवाब में शामिल होता है। एेसे में प्रयास रहता है कि ज्यादा से ज्यादा रोजेदार इफ्तारी में शामिल हो, ताकि आपस में प्रेम व भाईचारा भी बना रहे। 

वहीं, किबला मस्जिद रीको एरिया में रोजा इफ्तार की दावत दी गई। जिसमें शहर विधायक रतन जलधारी भी शामिल हुए। इब्राहिम जेलर की अगुवाई में वार्ड वासियों ने अपनी समस्याओं का ज्ञापन भी विधायक को सौंपा। इस मौके पर सुल्तान खीचड़, सीताराम, पप्पु पहलवान, अब्दुल सत्तार, हाजी हिदायत अली, इब्राहिम खान, मोहम्म्द आरीफ, जहागीर चौहान आदि मौजूद थे। 


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