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20वें रोजे की शाम से शुरू होता है एतकाफ, पढ़ें माह-ए-रमजान..

Patrika news network Posted: 2017-06-12 07:49:15 IST Updated: 2017-06-12 07:49:15 IST
20वें रोजे की शाम से शुरू होता है एतकाफ, पढ़ें माह-ए-रमजान..
  • रमजान के दिनों में 20वें रोजे की शाम से एतकाफ शुरू होता है। लोग या कोई एक आदमी भी मस्जिद में एतकाफ कर ले तो सारे मोहल्ले वालों की तरफ से यह सुन्नत अदा होती है।

सीकर.

रमजानुल मुबारक के आखरी दस दिनों में मस्जिद के एक कोने में इबादत की गरज से एक मुकर्ररा मुद्दत तक अपने आप को ठहराए रखना एतकाफ है। मस्जिद रूहानी फल्लेहक के इमाम मोहम्मद सलीम फारूकी के अनुसार अगर मोहल्ले या बस्ती के कुछ लोग या कोई एक आदमी भी मस्जिद में एतकाफ   कर ले तो सारे मोहल्ले वालों की तरफ से यह सुन्नत अदा हो जाएगी। यदि मोहल्ले में किसी एक आदमी ने भी एतकाफ नहीं किया तो सारे मोहल्ले वालों पर तरके सुन्नत का गुनाह होगा। यह एतकाफ  20वें रोजे की शाम से शुरू होता है और आखरी रोजे के इफ्तार तक रहता है। एतकाफ उस मस्जिद में किया जाता है जहां, पांचों वक्त की नमाज व जमाअत होती है। 


बेटियों ने खोले रोजे


मोहल्ला नारवान, वार्ड संख्या 15 के कई छोटे रोजदार इफ्तारी में शामिल हुए। साथ बैठकर रोजा खोला। रोजा रखने से इबादत का सवाब हासिल होता है। रोजा रखने वालों में मुस्कान, शबा, अलसफा सहित छोटे बच्चे भी शामिल रहे। 


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