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Video : पत्रिका से बोले व्यापारी-जीएसटी से आएमी कीमत में समानता

Patrika news network Posted: 2017-04-15 20:18:59 IST Updated: 2017-04-15 20:29:05 IST
  • जीएसटी कब से लागू होगा। इसका व्यापारियों पर क्या असर होगा। पंजीयन कैसे व कहां होगा। पंजीयन नहीं करवाने पर क्या होगा। इसके लिए अतिरिक्त क्या करना पड़ेगा।

सीकर

जीएसटी कब से लागू होगा। इसका व्यापारियों पर क्या असर होगा। पंजीयन कैसे व कहां होगा। पंजीयन नहीं करवाने पर क्या होगा। इसके लिए अतिरिक्त क्या करना पड़ेगा। क्या रिर्टन ज्यादा बार भरनी पड़ेगी। कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब देने व व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए राजस्थान पत्रिका व सीकर व्यापार महासंघ की ओर से शनिवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। स्टेशन रोड स्थित लक्ष्य कोचिंग क्लासेज में आयोजित गोष्ठी में व्यापारियों ने अनेक प्रकार का सवाल किए तो विशेषज्ञों ने आसान व सरल तरीकों से उनके जवाब दिए। विशेषज्ञों ने बताया कि गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स(जीएसटी) लगने के बाद अनेक प्रकार के टैक्स खत्म हो जाएंगे। अभी उत्पाद पर दो प्रकार के टैक्स लगते हैं। एक तो प्रत्यक्ष कर तथा दूसरा अप्रत्यक्ष कर। प्रत्यक्ष कर में इनकम टैक्स तथा अप्रत्यक्ष कर में वैट, एक्साइज, सर्विस टैक्स, मनोरंजन कर सहित अनेक प्रकार के कर शामिल हैं। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों मिलाकर कर की दर वर्तमान में करीब 27 प्रतिशत है। जीएसटी के बाद यह दर करीब 18 से 20 फीसदी रहने की संभावना है। गोष्ठी में सीकर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह चौधरी, भंवरलाल कुमावत, अभिषेक मोर, सुशील चतुर्वेदी, भागीरथ नायक, सुनील सहल, राजेन्द्र बड़ेसरा, जसवीर चौधरी, विकास शर्मा, सीताराम भोडीवाल, मदन महला, लालचंद जांगिड़, बसंत कलावटिया, केतन जैन व मारूति सोमानी सहित अनेक व्यापारी मौजूद थे। 

यह सावधानी बरतें

व्यापारियों के आधार कार्ड व पैन कार्ड को लिंक करवाया जाएगा। इसके लिए दोनों में नाम व जन्म तिथि समान होनी चाहिए। बिना जुर्माना रिर्टन जमा करवाने की तारीख 31 जुलाई तथा ऑडिट करवाने वालों की अंतिम तारीख 30 सितम्बर है।  269 एसटी के तहत दो लाख से ज्यादा की राशि नकद में एक व्यक्ति से लेने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नकद लेनदेन पर इनकम टैक्स की नजर रहेगी। व्यापार के लिए बही खाते जरूरी हैं।  इनके बिना डिफाल्टर घोषित किए जा सकते हैं। 

एडवोकेट सुभाष मिश्रा, एक्सपर्ट



व्यापारियों को हर माह में तीन बार रिर्टन भरना होगा। लगातार तीन रिर्टन नहीं भरे तो रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। सभी कार्य समय पर होंगे। तीस जून से पहले खाते माइग्रेट करने होंगे। जीएसटी लागू होने के बाद पूरे भारत में कर की दर समान हो जाएगी। डेढ करोड़ रुपए से कम कीमत के उत्पाद (वाहन, ब्रांडेड कॉस्मटिक उत्पाद)सस्ते होने की संभावना है। जीएसटी के बाद पारदर्शिता बढ़ेगी। व्यापारियों के कार्य समय पर होंगे।  केवल एक प्रकार का टैक्स लगेगा। डिजीटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। 

सीए रामअवतार जोशी,एक्सपर्ट जीएसटी

शराब व पेट्रोल/डीजल पर भी लागू हो


जीएसटी अन्य उत्पादों की तरह पेट्रोल,डीजल तथा शराब पर भी लागू होना चाहिए। ऐसा होने से इनकी तस्करी रुकेगी। शेखावाटी में अपराधों का बड़ा कारण शराब की तस्करी भी है। यदि पूरे भारत में शराब की कीमत समान हो जाएगी तो उसकी तस्करी नहीं होगी। तस्करी नहीं होगी तो अपराधों में भी कमी आएगी। जीएसटी से आमजन के साथ व्यापारियों को भी फायदा होगा।

प्रमिला ङ्क्षसह,समाजसेवीजीएसटी से डिजीटल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नकद लेनदेन तो तय सीमा तक ही कर सकते हैं, लेकिन डिजीटल लेनदेन की कोई सीमा नहीं होगी। व्यापारियों को दो तरह के खाते रखने होंगे। नकद बिक्री के लिए अलग खाता होगा तथा ऑनलाइन बिक्री(डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम,भीम एप व अन्य) से लेनदेन के अलग खाता होने से फायदा होगा। 

ज्यानकी लाल मारवाल,व्यापारी

दस हजार से ज्यादा का खर्चा डिजीटल किया जाना चाहिए। भीम एप से व्यापारियों के साथ आमजन को भी फायदा होगा। नकद उधार बीस हजार से ज्यादा नहीं लें। जीएसटी के बाद पूरा भारत एक बाजार बन जाएगा। रिटर्न भरने की आदत अब अनिवार्य रूप से डालनी होगी। इसके अनेक फायदे होंगे। 

सुभाष तेतरवाल, व्यापारी

अभी भी अनेक लोगों को जीएसटी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। इस गोष्ठी से व्यापारियों को अनेक फायदे होंगे। नोटबंदी के बाद से ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा मिल रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। 

नीतेश पारमूवाल, व्यापारी

सवालों के माध्यम से ऐसे समझें

  • सवाल-जीएसटी क्या है, यह कब से लागू होगा ?
  • जवाब-जीएसटी एक प्रकार का टैक्स है। यह एक जुलाई 2017 से लागू होगा। 
  • सवाल-पंजीयन कहां होगा?
  • जवाब-इसका पंजीयन ऑनलाइन होगा। किसी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं है। किसी सीए या टैक्स से जुड़े वकील के माध्यम से ऐसा आसानी से करवा सकते हैं। 
  • सवाल-किसके लिए जरूरी है?
  • जवाब- जिन व्यापारियों का वार्षिक कारोबार दस लाख या उससे अधिक है,उसके लिए यह अनिवार्य है। इससे कम वाले भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं,लेकिन यह उनके लिए अनिवार्य नहीं है। 
  • सवाल-कब तक रजिस्ट्रेशन होगा ?
  • जवाब- कभी भी रजिस्टे्रशन करवा सकते हैं, लेकिन यदि वार्षिक बिक्री दस लाख या उससे अधिक हो गई तो तीस दिन दिन के अंदर पंजीयन करवाना अनिवार्य है। 
  • सवाल-आम आदमी को क्या फायदा होगा। 
  • जवाब-आम जरूरत की वस्तुएं सस्ती हो सकती है। ऐसी संभावना है। पूरे देश में एक ही कर प्रणाली लागू होगी।  ढेड़ करोड़ व उससे अधिक मूल्य के उत्पाद महंगे होंगे। 

rajasthanpatrika.com

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