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अब समपार पर नहीं थमेगी सांस, बढ़ेगी हमारी सुरक्षा

Patrika news network Posted: 2017-06-18 14:35:51 IST Updated: 2017-06-18 14:35:51 IST
अब समपार पर नहीं थमेगी सांस, बढ़ेगी हमारी सुरक्षा
  • रेलवे के मानव रहित समपार पर अब सांसे नहीं थमेगी। रेलवे ने हादसे रोकने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिले में फिलहाल ऐसा सीकर से लुहारू ट्रेक पर किया जाएगा।

सीकर.

रेलवे के मानव रहित समपार पर अब सांसे नहीं थमेगी। यहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। यहां हादसे रोकने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिले में फिलहाल ऐसा सीकर से लुहारू ट्रेक पर किया जाएगा। 

मानव रहित समपार पर आए दिन कहीं ना कहीं हादसे होते रहते हैं। यह हादसे कई परिवारों को जीवनभर तक नहीं भूलने वाला दर्द दे जाते हैं। ऐसे बढ़ते हादसों पर रोक लगाने के लिए यहां अब कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था ठेके पर दी गई है। 

ठेकेदार यहां अपना कर्मचारी तैनात करेगा। यह कर्मचारी ट्रेन आने से पहले वहां तैनात रहेगा। सड़क मार्ग से आने वाले वाहनों को रोक देगा। बाद में इन वाहनों को ट्रेन के गुजरने के बाद ही रवाना किया जाएगा। फिलहाल अनेक जगह समपार पर कोई कर्मचारी नहीं होने से हादसे की आशंका होती रहती है। 


29 जगह रहेंगे तैनात


सीकर-लुहारू ट्रेक पर मानव रहित 29 समपार हैं। सभी समपारों की सुरक्षा अब ठेके पर दे दी गई है। इसके टेण्डर हो चुके। संभवत एक माह में ही यहां कर्मचारी तैनात कर दिए जाएंगे।

 पहले अधिकांश जगह यहां कोई कर्मचारी नहीं रहते थे। कुछ समय पहले कुछ समपारों पर जरूर होमगार्ड तैनात किए गए थे। लेकिन वे भी अब अधिकांश जगह नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। 

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देश में 188 ट्रेन हादसे  


समपारों के अलावा भी देश में कहीं ना कहीं रेल हादसे होते रहते हैं। हालांकि बढ़ते नेटवर्क के बावजूद नई तकनीक से हादसों में कमी आ रही है, रेल मंत्रालय भी सुरक्षित सफर पर जोर दे रहा है। विभागीय आंकड़ो के अनुसार देश में रेल के सफर के साथ ही हादसे भी होने शुरू हो गए। अब तक करीब 188 बड़े हादसे देशभर में हो चुके। वर्ष 1980 से 1990 के बीच करीब 21 हादसे हुए। वर्ष 1990 से 2000 के बीच करीब 26 रेल हादसे हुए। वर्ष 2000 से 2010 के बीच करीब 33 हादसे हुए। वर्ष 2010 से मार्च 2017 तक करीब 59 हादसे हो चुके।

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