संभलकर! यहां है कुछ ऐसा, जिसके चपेट में आते ही पड़ सकते है बीमार, आप भी देखें

Patrika news network Posted: 2017-04-17 15:29:57 IST Updated: 2017-04-17 16:32:33 IST
संभलकर! यहां है कुछ ऐसा, जिसके चपेट में आते ही पड़ सकते है बीमार, आप भी देखें
  • शहर में खाली पड़े अधिकतर भूखंड ों में कचरे के ढेर लगे हैं। बस्तियों से कचरा उठाकर बीच शहर में इन खाली प्लॉटों या हाइवे के पास बने गड्ढों में डाला जा रहा है। शहर की बस्तियों से कचरा उठाकर पास ही खाली जगहों में डालने से प्रदूषण बढ़ रहा है।

रामगढ़ शेखावाटी

शहर में खाली पड़े अधिकतर भूखंड ों में कचरे के ढेर लगे हैं। बस्तियों से कचरा उठाकर बीच शहर में इन खाली प्लॉटों या हाइवे के पास बने गड्ढों में डाला जा रहा है। शहर की बस्तियों से कचरा उठाकर पास ही खाली जगहों में डालने से  प्रदूषण बढ़ रहा है।  कस्बे में यह समस्या नई नहीं है। पिछले एक दशक से तो नगरपालिका का कचरा प्रबंधन के लिए जगह ही ढूंढ रही है। जबकि कई बार कचरा ट्रिटमेंट के लिए जमीन ढूंढने की फाइलें चल चुकी हैं। हालात तो तब हैं जब देश के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के लिये  पंचायत, नगरपालिकाओं को लाखों रुपये का बजट दे रहे हैं।  जानकारी के मुताबिक रामगढ़ नगरपालिका ने करीब 10 साल पहले ठोस कचरा प्रबंधन के लिए जमीन ढूंढने की कवायद शुरू की थी। कई जगह फाइल चलाई गई लेकिन जनप्रतिनिधी व अधिकारी पालिका को जमीन नहीं दिलवा पाए। फिलहाल शहर में एकत्रित ठोस कचरा को  वैकल्पिक व्यवस्था के तहत हुणतपुरा की रोही व शहर में खाली पड़े भूखंडों में डाला जा रहा है। 


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सैंकड़ो भूखंड कचरे से भरे 


ठोस कचरा के प्रबंधन के लिये कोई माकूल व्यवस्था नहीं होने के कारण पालिका नई बस्तियों के भूखंड व मार्ग में कचरा डालते हैं। पालिका द्वारा  करीब 500 भूखंड में कचरा डालकर भराव किया जा चुका है। पालिका द्वारा बस्ती, होली धोरा के पास की बस्ती व शीतला धोरा के पास बसी कॉलोनी सहित अन्य नई अवैध कॉलोनियों के भूखंड व मार्ग समतलीकरण का कचरा डालकर निस्तारण किया गया है।  



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लोग करते हैं विरोध   



पहले वार्ड  21 में ठोस कचरा डाला जाता था। बाद में चारों तरफ बसावट से नागरिकों के विरोध के कारण पालिका को वहंा कचरा डालना बंद करना पड़ा। कुछ माह पूर्व वार्ड 24 में भी नागरिकों के विरोध के कारण कचरा डालना बंद करना पड़ा। 



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जमीन के लिए अब तक ये प्रयास किए  


ठोस कचरा प्रबंधन के लिये   पालिका ने 2006 में चूरू दरवाजा के बाहर रतननगर-हेतमसर सीमा से लगती बंजर कच्ची जोहड़ी के आवंटन के लिये प्रस्ताव  भेजा था। सरकार की तरफ से इस भूमि के आवंटन पर रोक होने से ं तत्कालीन जिला कलक्टर  ने प्रस्ताव खारिज कर दिया। जिला कलक्टर ने एसडीएम की अध्यक्षता में  कमेटी का गठन कर भूमि का चयन करने करने व  प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए थे। पालिका व तहसीलदार ने  निकटवर्ती पालास व खोटिया गांव में पचायंत में भूमि का चयन कर प्रस्ताव ग्राम पंचायत समिति से भूमि की स्वीकृति के लिये प्रस्ताव दिया था। मगर आज तक स्वीकृति नहीं मिल पाई।  



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पालिका के पास नहीं है स्वयं की भूमि



पालिकाध्यक्ष मुज्जमिल भाटी के अनुसार पालिका के स्वयं के पास भूमि नहीं है। आसपास के ग्राम में भूमि का चयन कर आवंटन के लिये पंचायत से पत्र व्यवहार चल रहा है। पालिका की सीमा का पुन: निर्धारण नहीं होने से भूमि चयन में समस्या आ रही है। कचरा निस्तारण के लिये दानदाताओं से मिलकर काम किया जायेगा। 



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जारी नहीं हुई एनओसी... 


अधिशासी अधिकारी मनीष पारीक ने बताया कि पालिका ने ठोस कचरा निस्तारण के लिये पालास ग्राम पंचायत के नेठवा और खोटिया ग्राम पंचायत में भूमि का चयन कर तहसीलदार रामगढ़ को इसका प्रस्ताव दिया था।  इन ग्राम पंचायत को पालिका ने भूमि के लिये एनओसी जारी करने का पत्र दिया था। आज तक एनओसी जारी नहीं की गयी। ग्राम पंचायतो को पुन: पत्र देकर एनओसी पत्र जारी करने का निवेदन किया जायेगा। 

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