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सीकर को ठेंगा दिखाकर आगे निकल गया चूरू, इसी सत्र से यहां शुरू होगा मेडिकल कॉलेज, जानें और कहां-कहां शुरू हुई यह व्यवस्था

Patrika news network Posted: 2017-06-20 10:46:44 IST Updated: 2017-06-20 10:56:28 IST
सीकर को ठेंगा दिखाकर आगे निकल गया चूरू, इसी सत्र से यहां शुरू होगा मेडिकल कॉलेज, जानें और कहां-कहां शुरू हुई यह व्यवस्था
  • मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से प्रदेश के किसी भी नए मेडिकल कॉलेज को अभी तक अनुमति नहीं दिए जाने के सवाल पर सराफ ने कहा कि केन्द्र और राज्य में हमारी सरकार है और सरकार मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से वार्ता कर यह बता रही है कि हमारे पास इन कॉलेजों के लिए अधिकांश संसाधन उपलब्ध हो चुके हैं।

मेडिकल कॉलेज के मामले में चूरू जिले के नेताओं ने बाजी मार ली है और सीकर के नेता देखते रह गए। राज्य सरकार ने चूरू सहित प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों को इसी सत्र से शुरू करने का एलान किया है। जबकि सीकर, बाड़मेर व अलवर मेडिकल कॉलेज इस सत्र से शुरू होने की दौड़ में पिछड़ते हुए जा रहे है। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने सोमवार को इस मुद्दे पर चल रहे असमंजस को खत्म करते हुए कहा कि ये पांचों कॉलेज हर हाल में इसी सत्र से शुरू होंगे।  उन्होंने बताया कि इस सत्र से पाली, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर और चूरू के मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। जबकि सीकर, बाड़मेर और अलवर के कॉलेज इस सत्र से शुरू होने की संभावना कम है।





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500 सीटों का होगा इजाफा 

पांचों कॉलेज शुरू हुए तो इस सत्र से प्रदेश को 500 एमबीबीएस सीटों का फायदा होगा। यह उन विद्यार्थियों के लिए भी राहत वाली बात होगी, जो इस साल नीट परीक्षा में शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि इस साल प्रदेश को पहले ही निजी कॉलेजों की 400 एमबीबीएस सीटों का नुकसान भी हो चुका है। जिन्हें एमसीआई ने खारिज कर दिया था।



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पहले भी मिल  चुकी है प्रोविजनल अनुमति 


वर्तमान भाजपा सरकार के समय ही पहले भी प्रदेश में पहले से चल रहे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में संसाधनों की कमी बताते हुए एमसीआई ने बढ़ी हुई सीटों को घटा दिया था। इसके बाद राज्य और केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद एमसीआई ने प्रोविजनल अनुमति देकर सीटों को बरकरार रखा था। दावा सही साबित होता है तो इस बार भी एमसीआई पांच मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रोविजनल अनुमति दे सकती है।

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