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अंग्रेजी में तंग तो अवसर भी कम!

Patrika news network Posted: 2017-06-18 15:07:11 IST Updated: 2017-06-18 15:10:18 IST
अंग्रेजी में तंग तो अवसर भी कम!
  • एनसीसी पासआउट कैडेट्स डिफेंस सर्विसेज के लिए नहीं हो पाते तैयार

सीकर.

युवाओं को अनुशासन की सीख देते हुए भारतीय सेना से जुडऩे के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी देश में एनसीसी के पास है, लेकिन वास्तविक तस्वीर कुछ ओर ही बयां करती है। एनसीसी पास आउट युवा भी सेना में मौजूद अवसरों को नहीं भुना पाते हैं।

कॉम्पिटेटिव स्किल्स की कमी होने के चलते वह दूसरे राज्य के कैडेट्स के साथ होने वाले कॉम्पटिशन में पीछे रह जाते हैं। प्रदेश की एनसीसी टे्रनिंग के प्रभावी नहीं होने के कारण ही ऑल इंडिया में राजस्थान एनसीसी लम्बे समय से टॉप टेन स्टेट में जगह नहीं बना पाई है।  



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अवसर हो रहे हैं  युवा से दूर 


एनसीसी कैडेट्स को भारतीय सेना से जुडऩे की कई अवसर मिलते हैं। एनसीसी में 'सीÓ सर्टिफिकेट होल्डर कैडेट्स को एसएसबी में शामिल होने का मौका मिलता है।एसएसबी के जरिए कैडेट्स को नेवी, आर्मी व एयरफोर्स में होने वाली अफसरों की सीधी भर्ती में लिखित परीक्षा से नहीं गुजरना पड़ता। साथ ही सेना में अन्य रैंक के पदों के लिए पांच से दस प्रतिशत का बोनस। पैरामिलिट्री में दो से दस अंकों का लाभ मिलता है। इसका फायदा प्रदेश के एनसीसी कैडेट्स पूरी तरह से नहीं ले पा रहे हैं। 


अंग्रेजी पर नहीं  कमांड 


एनसीसी अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के कैडेट्स सबसे ज्यादा भाषा से जुड़ी परेशानी का समाना करते हैं। एसएसबी के दौरान कैडेट्स को चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है वह पूरी अंग्रेजी भाषा में होती है। ऐसे में स्टूडेंट्स की जब इस भाषा पर कमांड नहीं होती तो वह कॉम्पटिशन के दौरान अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे पाता। 


टे्रनिंग प्रोग्राम का समय सीमित


3 राज बीएन एनसीसी सीकर के कमांडिंग ऑफिसर आर.पी.एम. पंघाल ने बताया कि सीकर में कुल 2517 एनसीसी कैडेट्स की पोस्ट है, इनमें से 1067 कैडेट्स सीनियर विंग में आते हैं। इन कैडेट्स में एक या दो कैडेट्स ही डिफेंस सर्विसेज के चयनित हो पाते है, यह आंकड़ा भी हर साल संभव नहीं होता है। कैडेट्स  को डिफेंस के लिए तैयार करने के लिए अंगेजी भाषा और अन्य कौशल विकास ट्रेनिंग की जरूरत है, लेकिन ट्रेनिंग टाइम सीमित होने और स्टाफ की कमी के चलते कैडेट्स को सिर्फ कोर्स की ट्रेनिंग दी जाती है। 


व्यक्तित्व विकास के लिए देंगे प्रशिक्षण...


व्यक्तित्व विकास के लिए यूनिट लेवल पर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे कैडेट्स टफ कॉम्पटिशन फाइट कर सकें। अंग्रेजी भाषा पर पकड़ के लिए शिविर में कई गतिविधियां आयोजित की जाती है।  -कर्नल एस. सतीश प्रभू, ग्रुप कमांडर, जयपुर ग्रुप 

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