यहां तो माता-पिता ही कराते हैं बच्चों से ये काम, फंसे तो कर देंगे मिनटों में कंगाल

Patrika news network Posted: 2017-04-19 11:38:31 IST Updated: 2017-04-19 11:38:31 IST
यहां तो माता-पिता ही कराते हैं बच्चों से ये काम, फंसे तो कर देंगे मिनटों में कंगाल
  • जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देने के लिए छोटे बच्चों को उपयोग में लिया जा रहा है। ताकि उम्र को देखकर सामने वाला इन पर कोई शक नहीं कर सके और शातिराना तरीके से ये अपने काम को आसानी से अंजाम तक पहुंचा सकें।

जोगेन्द्र सिंह गौड़, सीकर

जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देने के लिए छोटे बच्चों को उपयोग में लिया जा रहा है। ताकि उम्र को देखकर सामने वाला इन पर कोई शक नहीं कर सके और शातिराना तरीके से ये अपने काम को आसानी से अंजाम तक पहुंचा सकें। चौंकाने वाली सच्चाई यह सामने आई है कि लोगों की जेब साफ करने वाले इन बच्चों को वारदात का तरीका खुद इनके माता-पिता सीखा रहे हैं। जिसका खुलासा पुलिस की पड़ताल में स्वयं इन बच्चों द्वारा किया गया है। इनके  माता-पिता से इस बात की तस्दीक कर पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया है। 


Read:

एसके अस्पताल में दवा लेने आए व्यक्ति के साथ घटी ऐसी घटना...



बताया तो हैरत में आ गए


पकड़ में आए बच्चे से जब पूछताछ की गई तो सच्चाई उगलने पर पुलिस जवान भी हैरत में आ गए। 12 साल के बच्चे ने बताया कि वे तीन-चार जने हैं। जिनको जेब तराशी करने के लिए उनके माता-पिता ही तैयार कर भेज रहे हैं। 

2600 रुपए बरामद


पकडे़ गए बच्चे ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को दवा खिड़की के पास खडे़ एक जने की जेब उसने काटी थी।  अस्पताल चौकी की पुलिस ने दांतारामगढ़ के पीडि़त व्यक्ति सुशील को सूचना कर बाकी बचे 2600 रुपए ले जाने की सूचना कर दी है। 


Read:

पिस्तौल दिखाकर व्यापारी से दो लाख लूटे 


दौड़ लगाने में  हैं एक्सपर्ट 


पुलिस के अनुसार बच्चों की उम्र महज 10 से 12 साल के बीच में है। लेकिन, भागने में सभी तेज हैं। तेज दौड़ लगाने के लिए भी इन्हें तैयार किया हुआ है। ताकि जरूरत पडे़ तो किसी के हाथ नहीं लग सकें। भागते भी अलग-अलग दिशा में हैं। पकडऩे वाला भी एक ही पीछा कर सके। 


Read:

इनसे रहें सावधान! नहीं तो आप से भी वसूल सकते हैं पैसे



तीमारदारों के ठीक पीछे खड़े थे बच्चे


सोमवार को एसके अस्पताल में अपनी पत्नी को इलाज के लिए लेकर आए एक व्यक्ति की जेब काटकर उसमें रखे 3400 रुपए पार कर लिए गए थे। घटना के बाद मंगलवार को एसके अस्पताल चौकी की पुलिस परिसर में घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर  पर नजर रखे हुई थी। रैकी के बाद सामने आया कि कुछ छोटे बच्चे हैं। जो कि, दवा लेने के लिए कतार में खडे़ मरीज और उनके तीमारदारों के ठीक पीछे खडे़ हुए हैं। गहराई से जब इन बच्चों का पीछा किया गया तो ये लोगों की जेब से पैसे निकालने का प्रयास करते नजर आए। इनमें एक बच्चे ने तो एक की जेब में हाथ डालकर पर्स भी निकाल लिया था। लेकिन, भागने से पहले ही उसे दबोच लिया गया। बाकी दो बच्चे पुलिस को देख भाग खडे़ हुए हैं। 

माता-पिता ने स्वीकारा


बच्चे को पकडऩे के बाद जब रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले इनके माता-पिता को पुलिस चौकी बुलाया गया तो उन्होंने भी कारगुजारी को स्वीकार कर लिया। पकड़े गए बच्चे को छोड़ देने की गुहार लगाते हुए आर्थिक तंगी की मजबूरी बताई। बच्चे की संख्या नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसके पिता राजू को गिरफ्तार कर लिया। मां को चेतावनी दे छोड़ दिया ।

पत्रिका की खबर पर खुली पुलिस की नींद

पत्नी का इलाज कराने आए युवक की 34 सौ रुपए की जेब कटने और इलाज के लिए दवाई नहीं खरीद सकने की पीड़ा को राजस्थान पत्रिका ने समाचार पत्र में निष्पक्ष रूप से उठाया तो पुलिस कुंभकर्णी नींद से जागी। मंगलवार को 'साहब...! जेब कट गई है...Ó शीर्षक से चिकित्सालय स्थित पुलिस चौकी की नाकामी प्रकाशित होने के कुछ घंटों में ही पुलिस ने चिकित्सालय में जेबतराशी को अंजाम देने वाले बच्चों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता चोरी करने के लिए तरीके सिखा उन्हें अस्पताल भेजते हैं।

जेबतराशी के शिकार हुए व्यक्ति द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। एेसे में बच्चों के पिता राजू को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस को और सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। 

मदन कड़वासरा, शहर कोतवाल 

rajasthanpatrika.com

Bollywood