बाबा श्याम की इन पर ऐसी पड़ी नजर, अब हर जगह इनके गूंजते है भजन

Patrika news network Posted: 2017-05-18 18:01:01 IST Updated: 2017-05-18 18:24:38 IST
बाबा श्याम की इन पर ऐसी पड़ी नजर, अब हर जगह इनके गूंजते है भजन
  • बाबा श्याम की एक नजर पलभर में दुखों से मुक्ति दिला सकती है। इसलिए तो दुनियाभर के भक्त बाबा श्याम की एक झलक पाने को बेताब रहते है। जिस-जिस पर बाबा श्याम की नजर पड़ी उनकी कैसे बदल गई जिदंगी। कुछ एेसी है कहानियां है खाटू दरबार से जुड़े भजन गायक कलाकारों की।

खाटूश्यामजी

बाबा श्याम की एक नजर पलभर में दुखों से मुक्ति दिला सकती है। इसलिए तो दुनियाभर के भक्त बाबा श्याम की एक झलक पाने को बेताब रहते है। जिस-जिस पर बाबा श्याम की नजर पड़ी उनकी कैसे बदल गई जिदंगी। कुछ एेसी है कहानियां है खाटू दरबार से जुड़े भजन गायक कलाकारों की। भजन गायक बताते है कि श्याम बाबा की भक्ति का सर्वसाधारण व सर्वप्रिय माध्यम भजन गायन है। कुछ दशकों पहले तक कीर्तन मण्डलियां के सदस्यगण ही भजन गाया करते थे एवं तब के दौर में उपस्थित सभी श्याम प्रेमी मिलजुलकर भजनों के माध्यम से श्याम बाबा को रिझाया करते थे। वर्तमान परिपेक्ष में गांव गांव, शहर शहर श्याम प्रेमी संस्थाओं का गठन होने की वजह से पेशेवर भजन गायकों को रोजगार का सुअवसर मिलने लगा। प्रचार एवं प्रसार माध्यम महंगा होने से होनहार व योग्य गायक व गायिकाओं को आवश्यक मंच नहीं मिल रहा था। विगत दस वर्षो से खाटूधाम में मासिक एकादशी मेले में व्यापक भीड़ होने के कारण यहां स्थित धर्मशालाओं में भजन संध्या,रात्रि जागरण के व्यापक अनुष्ठान आयोजित होने लगे। प्रत्येक शुक्लपक्ष एकादशी को समूचे खाटू में भजनों की स्वर लहरियां सारी रात गंूजती रहती है। इसका श्रेय उन सभी भजन गायकों को है जो पेशेवर होते हुए भी खाटू में निशुल्क भजन की प्रस्तुति देते है। जिससे भजन गायकों को एक विशाल व खुला मंच उपलब्ध होने लगा। अनेक गायको का मत है कि जिसने खाटू में श्याम बाबा का गुणगान किया वह समूचे भारत में लोकप्रिय हो गया तथा कीर्तन कार्यक्रमों की उसे अपार बुकिंग भी मिलने लगी। कुछ गायकों का कहना है कि खाटू में गाने का अवसर मिलने के पश्चात ही गायन क्षेत्र में सफल हो सके। कुछ तो यहां तक कहते है कि बाबा की नगरी में गाने का अवसर मिलना ही श्याम बाबा का प्रत्यक्ष आशीर्वाद है। आज अनेक लोगो ने भजन गायन को अपना पूर्णकालिक पेशा बना लिया है। जो भजन गायक अपने गायन से श्याम प्रेमियों के हृदय में अमिट छाप छोडऩे में कामयाब रहा वही अपनी तकदीर संवारने में सफल हो रहा है। अत: भजन गायकों की तकदीर का हस्ताक्षर है खाटूधाम।

भजन नहीं यह श्याम की भक्ति है


प्रसिद्ध भजन गायक नंदकिशोर शर्मा (अहमदाबाद) ने बताया कि बाबा श्याम के भजनों को गाना भी एक भक्ति है। बाबा श्याम के भजन गाकर मुझे सब कुछ मिल गया है। लखदातार के भजनों से जो आनंद की अनुभूति होती है उसे में शब्दों में बयान नहीं कर सकता। बाबा के भजनों की गूंज देश ही नहीं विदेशों तक पहुंच रही है।

हो गये मेरे वारे न्यारे



खाटू निवासी सुप्रसिद्ध पप्पू शर्मा ने कहा कि मैं पहले मंदिर के बाहर बाबा श्याम के भजन गाया करता था। बाबा की कृपा हुुई और मुझे प्रदेश ही नहीं देश के अनेक शहरों में होने वाले श्याम बाबा के बड़े कीर्तनों में बुलाया जाने लगा। अब देश ही नहीं विदेशों में भी बाबा श्याम के भजनों का गुणगान कर चुका हूं। इसके साथ अनेक धार्मिक, हिन्दी एवं भोजपुरी फिल्मों में बतौर अभिनेता का रोल कर चुका हूं। बाबा का ऐसा आशीर्वाद मिला कि आज मुझे वो सब मिला जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

दुनिया बदल दी मेरी



कोलकाता के भजन गायक संजय मित्तल ने बताया कि भजन एकमात्र साधन है,ठाकुरजी की उपस्थिती का अहसास कराने के लिए। भजन गाकर असंख्य लोगो के बिगड़ काम बने है। मैं इस बात को दावे से कह सकता हूं कि वर्तमान में जो कुछ भी हूं बाबा श्याम के भजनों के गायन का ही श्रेय है एवं उन्हीं की प्रत्यक्ष कृपा स्वीकारता हूं।

सम्पूर्ण जीवनचर्या बदल दी


सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं गायिका जया किशोरी के अनुसार भजनों से अंत:करण शुद्ध होता है और जिनका अंत:करण शुद्ध होता है उनमें परमेश्वर का वास होता है। मुझे बाल्यकाल से भजन गाने का एवं कथा वाचन करने का सौभाग्य मिला। भजनों ने मेरी संपूर्ण जीवनचर्या बदल दी।

भजन गाने से जीवन के संकट होते है दूर


दिल्ली के सुशील गौतम ने बताया कि भजन में वो शक्ति है भटके हुए को राह दिखा देता है। मुझे भजन गाकर आत्मा को संतुष्टी मिलती है। अनेक भक्तों ने भजन गाकर परमेश्वर पर अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। बाबा श्याम के भजनों ने मुझे देशभर में रहने वाले भक्तों में पहचान दी है,इससे बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है।

बाबा सबकी झोली भरता है


खाटू की श्रुति शर्मा ने बताया कि जब मैं छोटी थी तब पापा को भजन गाते देख मुझे भी इस राह पर चलने की इच्छा हुई। दरबार के बाहर बैठकर बाबा को भजन सुनाती हूं। जिसकी बदौलत आज देश के राज्य में श्याम के कीर्तनों व जागरणों में गाने का मौका मिला है। श्रुति ने कहा कि बाबा सबकी सुनता है और झोली भरता हूं।

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