क्या आपने भी अपना मकान इन्हें दे रखा है किराए पर, तो जरूर पढ़ें ये खबर

Patrika news network Posted: 2017-05-18 10:48:58 IST Updated: 2017-05-18 10:48:58 IST
क्या आपने भी अपना मकान इन्हें दे रखा है किराए पर, तो जरूर पढ़ें ये खबर
  • महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला सीडीपीओ की लापरवाही न्यूनतम वेतन मिलने वाले कार्मिकों पर भारी पड़ गई। आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे भवनों का किराया नहीं मिलने पर मकान मालिकों ने केंद्रों के ताले लगा दिए हैं।

सीकर

महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला सीडीपीओ की लापरवाही न्यूनतम वेतन मिलने वाले कार्मिकों पर भारी पड़ गई। आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे भवनों का किराया नहीं मिलने पर मकान मालिकों ने केंद्रों के ताले लगा दिए हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों के19 लाख रुपए किराए के हो गए है। बुधवार को शहर परियोजना द्वितीय के अधीन आने वाले श्रीमाधोपुर व रींगस क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने तीन घंटे कार्यालय का घेराव किया और धरने पर बैठ गई।  






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यह था मामला

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से वर्ष 2015 में किराए पर चले रहे आंगनबाड़ी केंद्र के भवन के लिए 2500 रुपए महीना किराया देना तय हुआ।  लेकिन, इनको किराए पर लेने से पहले कुछ शर्ते थी। जिनमें कलक्टर से एनओसी और पीडब्ल्यूडी से किराया निर्धारण करवाना अनिवार्य था। परंतु तत्कालीन सीडीपीओ विनीता खांडल ने बिना शर्त पूरी किए बगैर दोनों क्षेत्रों के 37 आंगनबाड़ी केंद्रों को 2500 रुपए वाले भवनों में स्थानांतरित करने के निर्देश दे दिए। शर्तों की पालना नहीं होने पर इन महिला कार्मिकों को किराया नहीं मिला।

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