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भैंस के इंजेक्शन से हो रही बिजली चोरी, आप भी हो जाओगे लोट-पोट जब पढ़ोगे ये खबर

Patrika news network Posted: 2017-05-19 14:40:08 IST Updated: 2017-05-19 14:40:08 IST
भैंस के इंजेक्शन से हो रही बिजली चोरी, आप भी हो जाओगे लोट-पोट जब पढ़ोगे ये खबर
  • घाटे में डूबी बिजली कंपनियों को अब भैंस का इंजेक्शन बड़ा झटका दे रहा है। शेखावाटी में कई मीटर ऑपरेट गिरोह सक्रिय हैं, जो मीटर में भैंस का इंजेक्शन लगाकर खुलेआम बिजली चोरी करा रहे हैं।

सीकर

घाटे में डूबी बिजली कंपनियों को अब भैंस का इंजेक्शन बड़ा झटका दे रहा है। शेखावाटी में कई मीटर ऑपरेट गिरोह सक्रिय हैं, जो मीटर में भैंस का इंजेक्शन लगाकर खुलेआम बिजली चोरी करा रहे हैं। निगम की विजिलेंस टीमों ने कई स्थानों पर इस तरह से लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा है। पिछले दिनों ही निगम दस्ते को 15 ऑपरेट मीटर मिले है। लेकिन निगम के हाथ मीटर ऑपरेट करने वाले नहीं लगे हैं। इस कारण जिले के कई इलाकों में छीजत का ग्राफ भी लगातार बढ़ता जा रहा है। निगम दस्ते ने कई गांव-ढाणियों से अवैध ट्रांसफार्मर भी जब्त किए थे। इससे साफ है कि मिलीभगत के खेल से जिले में बिजली चोरी की बेल लगातार पनप रही है। कई उपभोक्ताओं ने निगम अभियंताओं को मीटर ऑपरेट करने वालों के बारे में बता भी दिया।




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आलपिन से ऑपरेट फिर रिमोट से कन्ट्रोल 


मीटर ऑपरेट गिरोह के सदस्य पांच से 15 हजार रुपए में बिजली चोरी करने के लिए रिमोट थमा देते हैं। इसमें मीटर के स्क्रॉल बटन के पास आलपिन से छेद कर सिस्टम को हैक कर लेते है। इसके बाद मीटर की कन्ट्रोल यूनिट का पूरा संचालन रिमोट से होता है।






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एक वर्ष में दो करोड़ की बिजली चोरी 

बिजली चोरी के मामले में सीकर जिला काफी आगे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में सीकर जिले में दो करोड़ से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई थी। जिले में 345 से अधिक ऑपरेट मीटर पकड़े गए।






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होटल व औद्योगिक इकाई में खेल 


निगम ने फतेहपुर रोड व जयपुर रोड इलाके  के होटलों में जांच कराई थी। इस पर निगम दस्ते ने 84 लाख का जुर्माना लगाया था। बाद में मामला समझौता समिति के पास चला गया था। दोनों मीटरों की जांच में आलपिन व इंजेक्शन से मीटर ऑपरेट करने की बात सामने आई थी। निगम के अधिशाषी अभियंता नरेन्द्र गढवाल का कहना है कि गिरोह तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया हुआ है। उपभोक्ता सहयोग करें तो जल्द खुलासा हो सकता है। 





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पलभर में गायब हो जाती है डिस्प्ले


बिजली निगम अभियंताओं की जांच में सामने आया कि कई लोग भैंस को लगने वाले इंजेक्शन को मीटर के डिस्पले में लगा देते है। इससे मीटर में रीडिंग दिखना बंद हो जाता है। कई बार पूरे महीने बिजली चोरी के बाद मीटर को आग लगा देते है। इससे वे आसानी से बिजली चोरी कर लेते हैं। हालांकि, कई बार उपभोक्ता मीटर की एमआरआई होने से पकड़ में भी आ जाता है।

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