क्या आप भी कराना चाहते हैं बच्चे का Admission तो ये खबर जरूर पढ़ें

Patrika news network Posted: 2017-04-14 11:49:29 IST Updated: 2017-04-14 11:51:12 IST
क्या आप भी कराना चाहते हैं बच्चे का Admission तो ये खबर जरूर पढ़ें
  • कार्रवाई का डर नहीं होने से जिले के निजी विद्यालयों में हर साल निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में प्रवेश की संख्या घटती जा रही है। पहले जहां आंकड़ा चार अंकों में होता था, वह अब महज तीन अंकों में सिमट गया है।

सीकर

कार्रवाई का डर नहीं होने से जिले के निजी विद्यालयों में हर साल निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में प्रवेश की संख्या घटती जा रही है। पहले जहां आंकड़ा चार अंकों में होता था, वह अब महज तीन अंकों में सिमट गया है। वर्ष 2014 में जहां 1175 बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश हुआ वहीं पिछले वर्ष यह संख्या घटकर मात्र 314 ही रह गई। जानकारों के अनुसार राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त हर निजी विद्यालय में एंट्री लेवल कक्षा में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य है। 



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स्कूल में अभिभावकों को फीस नहीं देनी पड़ती। सरकार भौतिक सत्यापन के बाद इस राशि का पुनर्भरण  करती है। कक्षा एक में प्रवेश के लिए 6 वर्ष और इससे पहले प्री-प्राइमरी में 3, 4 और 5 वर्ष की आयु होना जरूरी है। प्रवेश नहीं देने में अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूल ज्यादा हैं। इस बार ऑनलाइन आवेदन तो करना ही होगा, साथ ही अभिभावकों को उसकी हार्ड कॉपी भी जमा करवानी होगी। इस हार्ड कॉपी की एक नकल खुद के पास रखने से अभिभावक के पास अब सबूत मौजूद रहेगा।

सत्र     प्रवेशित बालक     प्रवेश देने वाले स्कूल

2013    686       127    

2014   1175       190    

2015   954   193    

2016     314         158

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