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यहां तो भगवान ही बचाए बीमारी से

Patrika news network Posted: 2017-03-19 21:25:18 IST Updated: 2017-03-19 21:25:18 IST
यहां तो भगवान ही बचाए बीमारी से
  • ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवाएं भगवान भरोसे हैं। इन केन्द्रों पर सुविधाओं के अभाव के साथ स्वास्थ्यकर्मियों का टोटा है।

गंगापुरसिटी

ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवाएं भगवान भरोसे हैं। इन केन्द्रों पर सुविधाओं के अभाव के साथ स्वास्थ्यकर्मियों का टोटा है। 


सरकार और चिकित्सा विभाग के अधिकारी बेहतर चिकित्सा सेवाओं के चाहें जो दावे करें लेकिन ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे ही हैं। इसकी बानगी उपखंड के आठ गांवों के प्राथमिक व उपस्वास्थ्य केन्द्र, जहां सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। उपखंड में कुल 51 उपस्वास्थ्य केन्द्र हैं, इनमें से केवल 20 केन्द्रों पर ही एएनएम कार्यरत हैं, अन्य केन्द्रों पर एएनएम नहीं होने से वहां की व्यवस्था भगवान भरोसे है। स्टाफ की कमी से कई केन्द्रों पर ताला लगा रहता है और इलाके के मरीजों को उपचार के लिए गंगापुरसिटी, जयपुर, सवाई माधोपुर, करौली जाने को मजबूर होना पड़ता है।  इतना ही नहीं देखभाल व मरम्मत के अभाव में कुछ स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन क्षतिग्रस्त भी हो रहे हैं।  चिकित्सा विभाग इनकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

यहां  स्थिति अधिक खराब

डिबस्या व खूंटला उपस्वास्थ्य केन्द्रों की स्थिति सबसे अधिक खराब है। डिबस्या गांव की आबादी करीब एक हजार है, जबकि खूंटला की ढाई हजार है। इन केन्द्रों पर अमूमन ताला लटका रहता है। केवल एक- दो घंटे को खोलकर औपचारिकता की जाती है। उपस्वास्थ्य केन्द्र डिबस्या में एएनएम व जीएनएम के दो पद स्वीकृत है लेकिन लम्बे समय से जीएनएम का पद खाली है। केन्द्रों के बंद रहने से आपात स्थिति में मरीजों को करौली-गंगापुर ले जाना पड़ता है।  प्राथमिक उपचार के लिए केन्द्रों पर दवाई, पट्टी आदि  उपलब्ध नहीं है। दोनों केन्द्रों के कमरे व चारदीवारी जर्जर हो रहे हैं, जहां कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश के दौरान तो इन केन्द्रों की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है।

आठ गांवों का भार

 डिबस्या उपस्वास्थ्य केन्द्र पर कार्यरत  एएनएम के पास आठ गांवों की जिम्मेदारी है। उस पर उदेई, उदेई कलां, अलीगंज, खूंटला, अरनिया, बाढ़कला, खानपुर बड़ौदा व डिबस्या गांवों का कार्यभार है। उदेई पीएचसी पर सुपरवाईजर का पद भी रिक्त है। इससे एएनएम को रिपोर्ट तैयार करने व अन्य कार्यों के लिए  उदेई जाना पड़ता है। जिस दिन एनएनएम का तय गांव में दौरा रहता है, उस दिन बाकी गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहती हैं। 

नहीं मिलती दवाई

उदेई, उदेई कलां, अलीगंज, खूंटला, अरनिया, बाढ़कला, डिबस्या, खूंटला,  खानपुर बड़ौदा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व उपस्वास्थ्य केन्द्र खोल तो दिए गए लेकिन इन केन्द्रों के भवन और व्यवस्थाओं की ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं होने से केन्द्रों की स्थिति बदतर होती जा रही है। केन्द्रों पर रोगी आते है लेकिन दवाई नहीं होने से निराश लौटना पड़ता है। यहां प्राथमिक उपचार के संसाधान भी उपलब्ध नहीं है। 

rajasthanpatrika.com

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