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डेनमार्क की बेटी को भा गई गंगापुरसिटी की लाडो

Patrika news network Posted: 2017-03-19 21:12:29 IST Updated: 2017-03-19 21:12:29 IST
डेनमार्क  की बेटी को भा गई गंगापुरसिटी की लाडो
  • भारतीय संस्कृति इतनी सुंदर है कि जो भी इसके संपर्क में आया वह सभ्यता के रूप में निखरता चला गया। सात समुंदर पार की रहने वाली लुइस प्रेम क्लॉक के साथ भी ऐसा हुआ।

गंगापुरसिटी

भारतीय संस्कृति इतनी सुंदर है कि जो भी इसके संपर्क में आया वह सभ्यता के रूप में निखरता चला गया। सात समुंदर पार की रहने वाली लुइस प्रेम क्लॉक के साथ भी ऐसा हुआ। 


भारतीय सांस्कृतिक प्रतिमानों ने क्लॉक को इस हद तक प्रेरित किया कि उन्होंने अपने नाम के साथ 'प्रेम' शब्द जोड़ लिया। अब वे भारतीय बच्चों के साथ रहकर हुनर की दौड़ के साथ ही बेटियों में आत्मरक्षा का जज्बा पैदा कर रहीं हैं। खास बात है कि अंग्रेजी दा लुइस ने इसके लिए गंगापुरसिटी को चुना है। 


मूलत: डेनमार्क की राजधानी कोपनेहैगन की रहने वाली 35 वर्षीया लुइस पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। लुइस  ने एक पखवाड़े तक गंगापुरसिटी में रहकर बच्चों को भारतीय नृत्य, कला एवं आत्मरक्षा के गुर सिखाए हैं। वे स्वयं भी पिछले भारतीय नृत्य कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं।


सरोज खान से सीखेंगी नृत्य की बारीकियां


लुइस ने बताया कि कोरियोग्राफी के लिए उनका हाल में चयन हुआ है। मुम्बई में ख्यातनाम नृत्य निर्देशक सरोज खान उनको नृत्य का प्रशिक्षण देंगी। लुइस भारतीय बच्चों के बीच लंबा समय व्यतीत करना चाहती हैं। 


उनका कहना है कि वे जब भी भारत आएंंगी, सबसे पहले गंगापुरसिटी में बच्चों से रूबरू होना चाहेंगी। यहां  क्रियेटिव स्कूल में लुइस की ओर से बच्चों के लिए  के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया।


स्कूल निदेशक दीपक राज बताते हैं कि एक विदेशी महिला ने भारतीय संस्कृति को अपनाकर बच्चों को प्रशिक्षित करने का बड़ा प्रयास किया है।


मन होता है बस जाऊं यहीं  


भारतीय बच्चों की बाल सुलभ चेष्टाओं, उनके प्रयास और धर्म-संस्कृति के प्रति आस्था को देख लुइस कहती हैं कि उनका मन सदैव बच्चों के साथ रहने का होता है। इसके लिए वे अपने गुरु से अनुमति भी ले रही हैं। 


उनका मन है कि यहीं बस जाएं। वे स्वयं भी छात्राओं के बीच भारतीय परिधानों में जाती हैं। डेनमार्क में भी वे मेहंदी, बिन्दी और महावर लगाती हैं। 


मोह लेती हैं  नृत्य से 


लुइस को लय और ताल संग सधे हुए अंदाज में कठिनतर माने जाने वाला भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक करते देख लोग अचरज में पड़ जाते हैं। बच्चों के बीच प्रेम मैम के नाम से प्रसिद्ध लुइस के गुरु मुरारी भारती बताते हैं कि लुइस का कथक भारतीय कलाकारों को भी अचंभित कर देता है। वह आत्मरक्षा की विधा ताइक्वांडो की भी कुशल प्रशिक्षक हैं।  

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