Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

पिता समझाते रहे, बेटी सिसकते हुए जहर खाती रही, आखिर क्यों इस बेटी ने अपने पिता की भी नहीं सुनी और कर ली आत्महत्या

Patrika news network Posted: 2017-02-15 12:08:11 IST Updated: 2017-02-15 12:09:24 IST
पिता समझाते रहे, बेटी सिसकते हुए जहर खाती रही, आखिर क्यों इस बेटी ने अपने पिता की भी नहीं सुनी और कर ली आत्महत्या
  • गांव में पचास से ज्यादा मकान चरागाह बने और बन भी रहे। फिर भी द्वेषता से अकेले मेरा ही घर तोड़ा। यह दोहरा बर्ताव नहीं तो क्या है? अगर प्रशासन निष्पक्ष है, तो दूसरों के मकान क्यों नहीं टूटे।

राजसमंद.

 गांव में पचास से ज्यादा मकान चरागाह बने और बन भी रहे। फिर भी द्वेषता से अकेले मेरा ही घर तोड़ा। यह दोहरा बर्ताव नहीं तो क्या है? अगर प्रशासन निष्पक्ष है, तो दूसरों के मकान क्यों नहीं टूटे। बहन की शादी का कर्ज भी नहीं उतरा था, मकान निर्माण भी कर्ज लेकर ही किया। प्रशासन की भेदभावपूर्ण कार्रवाई की वजह से वह आहत हो गई थी। 


मुझे कॉल किया कि न तो प्रशासन वाले सुन रहे हैं और न ही कतिपय लोग मनमानी से बाज आ रहे हैं। मैं तंग आ गई हूं। अब नहीं जी पाऊंगी। यह बात सुनते ही मैंने उसे हिम्मत दिलाई, तू कुछ ऐसा मत करना। जो हुआ सो हो गया। फिर मकान बनवाएंगे। ऐसी ही बातों से दिलासा व हिम्मत दिलाता रहा, मगर वह प्रशासन की कार्रवाई के बाद कतिपय लोगों की धमकी की वजह से जिन्दगी हारकर जहरीली दवा निगल ली और उपचार के लाख प्रयास के बावजूद दम तोड़ दिया।


READ MORE: राजस्थान की इस रानी का प्रेम इतिहास के पन्नों में बलिदान के रूप में अमर है, मिसाल है ये कहानी... देखें Video


कलक्टर अर्चनासिंह के समक्ष मंगलवार दोपहर यह पीड़ा हुए ससुर मनोहरसिंह व दामाद देवीसिंह फफक कर रो पड़े। जहरीली दवा खाने से पहले बागुन्दड़ा निवासी टीना ने उसके पति देवीसिंह व पिता मनोहरसिंह को ही कॉल कर बताया कि वह इन कतिपय लोगों से तंग आ चुकी है। अब नहीं जीना चाहती। बच्चों का ख्याल रखना, अच्छी परवरिश करना। 


फोन पर खूब समझाया, मगर प्रशासन की दोगली कार्रवाई के बाद तो उसका सबसे भरोसा ही उठ चुका था। मनोहरसिंह बोले कि उसकी बेटी को गांव के कतिपय लोग लंबे समय से तंग कर रहे थे, जिन्होंने ही प्रशासन को शिकायत की। पटवारी, सरपंच, ग्रामसेवक से लेकर नायब तहसीलदार ने कानून-कायदे दरकिनार कर सिर्फ मेरी बेटी का ही मकान तोड़ा। बागुन्दड़ा में अब भी कई मकान चरागाह में बने हुए हैं और बन भी रहे हैं। फिर सिर्फ मेरा ही मकान क्यों तोड़ा? इस पर कलक्टर ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। 

अतिरिक्त कलक्टर करेंगे जांच

कलक्टर ने परिजनों को आश्वस्त किया कि अतिरिक्त कलक्टर ब्रजमोहन बैरवा से चार दिन में जांच करवा दी जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर केलवा थाना पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि थाने में मर्ग पहले से दर्ज है, जिसमें तथ्य सही पाया जाता है, तो बाद में भी धारा 306  जुड़ सकती है।


आरोपों की होगी जांच

अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई की एडीएम से चार दिन में जांच कराई जाएगी। निष्पक्ष जांच कराएंगे और बेसहारा हुए बच्चों को भी नियमानुसार लाभान्वित किया जाएगा। जांच रिपोर्ट में जो भी आएगा, उसी आधार पर कार्रवाई होगी। 

अर्चना सिंह, कलक्टर, राजसमंद


READ MORE: कभी पैंथर तो कभी मानव चढ़ रहा बलि, आखिर कब खत्म होगा मानव-वन्यजीव संघर्ष, देखें वीडियो

दो दर्जन से ज्यादा अतिक्रमण अब भी

बागुंदड़ा में दो दर्जन  से अधिक अतिक्रमण है, जिसकी रिपोर्ट नायब तहसील कार्यालय में दे दी है। सभी को नोटिस भी जारी किए गए। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नायब तहसीलदार के नेतृत्व में हुई और वे ही इस बारे में स्पष्ट बता सकेंगे। 

राकेश पालीवाल, पटवारी, खटामला 



पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है

अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई पटवारी व तहसील करती है। पंचायत द्वारा तहसीलदार के आदेश पर जेसीबी उपलब्ध कराई। प्रशासन की कार्रवाई में पंचायत का कोई वास्ता ही नहीं है और न ही मुझे अतिक्रमण के बारे में कोई पता है। 

गुलाब कुमावत, सरपंच खटामला 

rajasthanpatrika.com

Bollywood