Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

पुलिस ने विधायक पुत्र को थाने में जमकर पीटा, लोगों ने बाजार बंद कर जताया विरोध, एसआई आैर हैड कांस्टेबल सहित 5 निलंबित

Patrika news network Posted: 2017-06-13 20:06:29 IST Updated: 2017-06-14 10:51:56 IST
  • कोतवाली थाने गए टोंक विधायक अजीत मेहता के पुत्र विशाल, नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन के भतीजे व भाजयुमो शहर अध्यक्ष सम्यक जैन को पुलिसकर्मियों ने थाने में पीटा।

टोंक।

काफला बाजार में चल रहे किसी जमीन विवाद को लेकर मंगलवार को कोतवाली थाने गए टोंक विधायक अजीत मेहता के पुत्र विशाल, नगर परिषद सभापति लक्ष्मीदेवी जैन के भतीजे व भाजयुमो शहर अध्यक्ष सम्यक जैन को पुलिसकर्मियों ने थाने में जमकर पीटा। 


इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ता, जैन समाज तथा व्यापारियों ने कोतवाली थाने का घेराव कर करीब छह घंटे तक प्रदर्शन किया। मुख्य बाजार को बंद करा जाम लगा दिया। विधायक मेहता व पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन के बीच तीन घंटे चली वार्ता के बाद उपनिरीक्षक राजपाल सिंह, हैड कांस्टेबल बद्री लाल, कांस्टेबल विजेन्द्र, बनवारी तथा आरिफ को निलंबित करने पर लाेग शांत हुए। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश शर्मा को सौंपी गई है। देर शाम तक किसी भी ओर से मामला दर्ज नहीं कराया गया था। इधर, मारपीट में घायल विशाल मेहता तथा सम्यक जैन का सआदत अस्पताल के डॉ. बी. एल. नामा से उपचार कराया गया। 


पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जैन समाज को काफला बाजार में किसी ने जमीन दान में दी थी। इसका मामला कोतवाली थाने में चल रहा था। जांच एसआई राजपाल सिंह कर रहे थे। इस जमीन को दान करने वाले के परिजनों तथा समाज के पदाधिकारियों के बीच मंगलवार सुबह झगड़ा हो गया। इस पर जैन समाज के लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। जबकि जमीन दान करने वाले परिवार का एक सदस्य कमलेश जैन कोतवाली थाने आ गया। इस दौरान विशाल तथा सम्यक भी कोतवाली थाने में आ गए। जहां उनके बीच झगड़ा हो गया। पुलिस ने समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इस पर पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। दूसरी ओर विधायक मेहता, घायल विशाल तथा सम्यक का कहना है कि वे सही तरीके से बात कर रहे थे, लेकिन उप निरीक्षक समेत अन्य ने उनके साथ हार्डकोर अपराधी की तरह मारपीट की। इससे वे घायल हो गए।

 


दुकानें बंद, सड़कों पर उतरे लोग

घटना से नाराज भाजपा जिला मंत्री दीपक संगत, बैणीप्रसाद जैन, भाजपा शहर मण्डल अध्यक्ष विष्णु शर्मा, महामंत्री प्रभु बाडोलिया, अशोक शर्मा, व्यापारी माधवदास, सत्यनारायण यादव, डीआर खेमराज मीणा, वैश्य समाज जिलाध्यक्ष राजीव बंसल अन्य लोग कोतवाली थाने में जमा हो गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। बाद में कोतवाली थाने के बाहर सड़क पर वाहन लगाकर जमा लगा दिया तथा दुकानें बंद करा दी। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को अन्य मार्गों से गुजरना पड़ा। 


यहां भी गुटबाजी

टोंक जिले में भाजपा की गुटबाजी वैसे तो जग-जाहिर है, लेकिन भाजयुमो शहर अध्यक्ष के अलावा विधायक पुत्र के साथ पुलिस की ओर से की गई पिटाई के विरोध में भी पार्टी एक जुट नजर नहीं आई। जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी कोतवाली नहीं आए। केवल भाजपा शहर मण्डल के कार्यकर्ता और कुछ पदाधिकारी ही कोतवाली में दिनभर जमे रहे। लोग दिनभर चर्चा करते रहे कि गुटबाजी अलग मामला है, लेकिन बुरे समय में सभी को एक जुट होना चाहिए था।  


हम सब एक हैं

भाजपा में सभी एक है। गुटबाजी जैसी बात गलत है। मेरे परिवार में मृत्यु हो जाने से में टोंक से बाहर हूं। मैंने पुलिस अधिकारियों से मामले में बात की। विधायक से भी लगातार स पर्क में रहा। भाजपा के जितने भी पदाधिकारी आज शहर में उन्हें मैंने ही कोतवाली भेजा था। बच्चों के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जा सकती।  

- गणेश माहुर, जिलाध्यक्ष भाजपा।

rajasthanpatrika.com

Bollywood