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जोधपुर शहर में सरकारी स्कूलों के हाल गांवों से भी बदतर...

Patrika news network Posted: 2017-07-15 12:53:21 IST Updated: 2017-07-15 12:56:44 IST
जोधपुर शहर में सरकारी स्कूलों के हाल गांवों से भी बदतर...
  • शहर के सरकारी स्कूलों के हाल गांवों से भी बदतर हैं। शहर के कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष ही नहीं है। शहर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कहीं तो जरूरत से ज्यादा कक्षा कक्ष हैं तो कहीं पूरी स्कूल एक कमरे में संचालित हो रही है।

जोधपुर

शहर के सरकारी स्कूलों के हाल गांवों से भी बदतर हैं। शहर के कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष ही नहीं है। शहर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कहीं तो जरूरत से ज्यादा कक्षा कक्ष हैं तो कहीं पूरी स्कूल एक कमरे में संचालित हो रही है। यहां अध्ययन करवाने के लिए बच्चों को खुले मैदान में बैठाया जा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के जोधपुर शहर में कुल 106 स्कूल संचालित हैं। राजस्थान पत्रिका एक्सपोज टीम शुक्रवार को सूथला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सरदारपुरा सूंथला पहुंची, जहां विद्यार्थियों को खुले आसमां के नीचे जमीन पर बैठा कर पढ़ाया जा रहा था।

किराये की बिल्डिंग, पेड़ के नीचे पढ़ाई सूथला स्थित एक आश्रम के पास राउप्रावि सरदारपुरा सूंथला स्कूल संचालित हो रहा है। यहां एक कक्ष में प्रधानाध्यापक और उसी के पास कक्षा आठ की कक्षाएं लग रही थीं। इसके अलावा शेष जगह पर एक कक्षा छपरे के नीचे और तीन कक्षाएं पेड़ के नीचे संचालित हो रही थी। 

एेसे में अक्सर धूप और बारिश के दौरान विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठा कर काम चलाया जाता है। स्कूल में मौजूद अध्यापकों ने बताया कि इस जगह का सालाना किराया महज सात सौ रुपए है। जबकि विद्यालय में ग्रीन बोर्ड व संस्थापन विवरण समेत कई सुविधाएं भी मौजूद थीं। विद्यालय में एचएम समेत कुल 6 का स्टाफ है।




शहर की स्कूलों में 179 कक्ष कम

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार जोधपुर शहर में कुल 106 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 681 कक्ष की आवश्यकता है, लेकिन विभिन्न विद्यालयों में कुल 502 कक्ष बने हुए है, इसमें कहीं एक तो कहीं दो बने हुए हैं। जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में कई जगह दस-बारह कक्षा कक्ष हैं। एेसे में 179 कक्ष की और आवश्यकता है। यह कक्ष बनने के बाद प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को दूसरी कक्षाओं के साथ नहीं बैठना पड़ेगा।

जमीन आवंटित हो चुकी इस विद्यालय को सूथला गांव के पास जमीन आवंटित हो चुकी थी। सर्व शिक्षा अभियान से पैसा आवंटित हो चुका था, कार्य भी शुरू हो गया। उसके बाद प्रकरण न्यायालय में चला गया।

- अरविंदकुमार व्यास

शहर बीईईओ, एसएसए

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