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सीएस फाउंडेशन के सिलेबस में बदलाव लागू

Patrika news network Posted: 2017-04-21 12:21:39 IST Updated: 2017-04-21 12:21:39 IST
सीएस फाउंडेशन के सिलेबस में बदलाव लागू
  • ई-कॉमर्स व डिजीटल ट्रांजेक्शन को समझाने का प्रयास किया गया है

 इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) ने कंपनी सेके्रट्री फाउंडेशन कोर्स के सिलेबस में बदलाव किया है। कॉर्पोरेट सेक्टर एवं कंपनी एक्ट में होने वाले बदलावों के चलते सीएस इंस्टीट्यूट ने इसी माह से फाउंडेशन प्रोग्राम के नए सिलेबस को लागू कर दिया है। एेसे में जून-2018 में होने वाले एग्जाम की तैयारी स्टूडेंट्स को नए सिलेबस के अनुसार करनी इसमें कॉर्पोरेट पेराडाइम और रेगुलेट्री कॉन्सक्वेंट रिफॉर्म का खास खयाल रखा गया है। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ने कंटेम्परेरी इश्यूज पर फोकस किया है, वहीं सिलेबस में इकोनॉमी रिलेटेड इश्यूज पर भी ध्यान दिया गया है। ई-कॉमर्स व डिजीटल ट्रांजेक्शन को समझाने का प्रयास किया गया है। गौरतलब है कि सीएस कोर्स तीन स्तर पर बंटा है। पहला है फाउंडेशन (आठ माह), दूसरा एक्जीक्यूटिव (नौ माह) और तीसरा प्रोफेशनल प्रोग्राम (नौ माह)। 

फाउंडेशन प्रोग्राम में सब्जेक्ट्स के नए नाम 

-बिजनेस एन्वायरमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप का नाम अब बिजनेस एन्वायरमेंट एंड लॉ होगा। 

-बिजनेस मैनेजमेंट, एथिक्स एंड कम्यूनिकेशन का नाम अब बिजनेस मैनेजमेंट, एथिक्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप होगा। 

-तीसरे पेपर बिजनेस इकोनॉमिक्स एवं चौथे पेपर फण्डामेंटल्स ऑफ एकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग का नाम यथावत है। 

एेसे होगा लागू 

वर्तमान में रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स जून व दिसंबर-2017 का एग्जाम पुराने सिलेबस के अनुसार देंगे। नया सिलेबस जून-2018 के एग्जाम से प्रभावी होगा। एेसे स्टूडेंट्स जो जून व दिसंबर-2017 में पास नहीं हो सकेंगे, उन्हें जून-2018 का एग्जाम नए सिलेबस के अनुसार देना होगा।

बढ़ गई है जिम्मेदारियां 

आईसीएसआई के नेशनल प्रेसिडेंट श्याम अग्रवाल ने बताया कि कंपनी एक्ट के प्रावधान, जीएसटी, रियल स्टेट और दिवालिया कानून के बदलाव के कारण सीएस का कार्यक्षेत्र बढ़ गया है। सीएस के अधिकार क्षेत्र में ऑडिट भी आता है, इसलिए सिलेबस में बदलाव की आवश्यक्ता थी। 


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