Breaking News
  • उदयपुर: फर्जी कंडक्टर को पकड़ा,अभिरक्षा में भेजा
  • जैसलमेर : पोकरण में आयकर विभाग की कार्रवाई, दस्तावेजों की जांच में जुटी है टीम
  • भरतपुर: कुबेर में मरीज को दिखाने अस्पताल आए व्यक्ति की बाइक हुई चोरी
  • भीलवाड़ा: करेड़ा कस्बे में फिर बढ़ाई धारा 144, अब 4 अप्रेल तक रहेगी लागू
  • नागौर: कांकरिया पम्प हाउस के विद्युत कनेक्शन में फॉल्ट, आधे शहर में 3 दिन से पेयजलापूर्ति बाधित
  • जोधपुर: मार्च लेखाबंदी के कारण आज से जीरा मंडी में नहीं होगा व्यापार
  • सीकर:खातीवास में पैंथर की सूचना से इलाके में दहशत
  • जयपुर-एसओजी ने गलता गेट स्थित गोदाम पर छापा, पकड़ा भारी मात्रा में विस्फोटक
  • जोधपुर- हाईकोर्ट ने किए तीस न्यायिक अधिकारियों के तबादले
  • बीकानेर- दो साल से कर रहे थे दुष्कर्म, निजी स्कूल के आठ शिक्षकों पर मामला दर्ज
  • धोेलपुर- विशेष निगरानी दल व पुलिस ने ग्वालियर से आगरा जा रही स्कॉर्पियो से पकड़ी 35 लाख की नगदी
  • सीकरः सड़क हादसे में बाइक सवार घायल, नीमकाथाना के टोडा में हादसा
  • हनुमानगढ़- पीलीबंगा में दवा विक्रेता के घर से नशीली दवा बरामद, पुलिस ने आरोपित की दुकान की सीज
  • सीकरः कांवट में बस की चपेट में आने से बाइक सवार घायल, बस चालक मौके से फरार
  • अलवरः लक्ष्मणगढ़ में जनरल स्टोर में लगी आग, दुकान में रखा हजारों रुपए का सामान खाक
  • भुसावर-स्टेट हाइवे पर देर रात बाइक फिसलने पर चार लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
  • कोटा- यूडी टैक्स जमा करने के लिए शनिवार-रविवार को भी खुला रहेगा नगर निगम दफ्तर
  • श्रीगंगानगर- महाराष्ट्र के चिकित्सकों के समर्थन में निजी व सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताया रोष
  • जैसलमेर- पोकरण में अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, देश भर से पंहुचे पुष्करणा समाज के लोग
  • श्रीगंगानगर- पंचायत उपचुनाव कल, दो वार्ड पंचों का होगा निर्वाचन, मतदान दल रवाना
  • ओसियां (जोधपुर)- जनता जल योजना के तहत पांच नलकूपों के लिए 52.46 लाख की मंजूरी
  • वैर (भरतपुर)- गाजे बाजे के साथ रवाना हुए कैला देवी दर्शन के लिए 11वीं पदयात्रा, भजनों की धुनों पर नाचते-गाते करौली जा रहे हैं पदयात्री
  • अजमेरः हटुंडी रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत
  • कोटाः जगपुरा में डंपर ने बालक को कुचला, मौके पर ही मौत
  • अलवर- सरिस्का के माधोगढ़ में बघेरे को जलाकर मारने के विरोध में वन्यजीव प्रेमियों ने निकाला मौन जुलूस
  • अजमेर- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के रद्दी घोटाले में लम्बे अरसे से फरार चार आरोपित आगरा से गिरफ्तार
  • कामां-ट्रांसफार्मर में फिर लगी आग, कस्बे के कई हिस्सों में बिजली रही गुल
  • जैसलमेरः नाचना में घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर चोरी
  • बांदीकुई-राजगढ़ रेलमार्ग पर जयसिंहपुरा फाटक के पास मृत मिला सेना का जवान
  • भरतपुर-रूपवास के जगनेर मार्ग पर जीप पलटी, एक की मौत, एक घायल
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

सरताज की सीख

Patrika news network Posted: 2017-03-09 15:44:33 IST Updated: 2017-03-09 15:44:33 IST
सरताज की सीख
  • सरताज ने साफ किया कि एक देशद्रोही की लाश वे कैसे ले सकते हैं। औलाद कितनी भी निकम्मी क्यों न हो जाए, मां-बाप के लिए औलाद ही होती है।

काश, देश का हर इंसान कानपुर के सरताज जैसा हो जाए। वह सरताज जिसे अपने बेटे से ज्यादा देश प्यारा है। लखनऊ में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंककारी सैफुल्लाह के पिता सरताज ने अपने पुत्र का शव लेने से इनकार कर दिया। यह कहते हुए कि जो बेटा देश का ना हो सका, वह हमारा क्या होगा? 



सरताज ने साफ किया कि एक देशद्रोही की लाश वे कैसे ले सकते हैं। औलाद कितनी भी निकम्मी क्यों न हो जाए, मां-बाप के लिए औलाद ही होती है। सरताज ने दिखा दिया कि निकम्मेपन और देशद्रोही में बहुत बड़ा अन्तर होता है। 



सरताज की सोच उन लोगों के लिए सबक होनी चाहिए जो थोड़े से लालच के लिए ईमान बेचने से बाज नहीं आते। आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंककारी और उनको पनाह देने वाले पकड़े जाते हैं। चंद रुपयों के लिए कश्मीर घाटी में लोग सुरक्षा बलों पर पथराव करने तक बाज नहीं आते। 



आतंककारियों की मदद कोई धर्म के नाम पर करता है तो कोई लालच में। ऐसे लोगों को सरताज से सीख लेनी चाहिए। जिस मिट्टी में हम जन्मे, क्या उससे गद्दारी करना ठीक है? बेगुनाहों के खून से होली खेलने को भला कौन जिहाद कहेगा? इराक और सीरिया से लेकर समूची दुनिया में आतंकवाद के नाम पर आज जो हो रहा है, उससे फायदा किसी को नहीं होने वाला। 



आतंकवाद की आग में मानवता जल रही है। ये समय मानवता से प्यार करने वालों के लिए एक मंच पर आने का है। आतंकवाद से मुकाबला न अकेले सरकारें कर सकती हैं और न कोई संगठन। आतंकवाद को पराजित करने के लिए हर किसी को आगे आना होगा। 



कानपुर के सरताज ने यही तो किया है। कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान मारे जाने वाले आतंककारियों की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल होते हैं। बिना ये सोचे कि उनके इस कृत्य से देश कमजोर होगा। आतंकवाद की आग ने भारत को खूब जलाया है। 



सीमापार बैठे आतंककारियों को देश के भीतर से समर्थन नहीं मिले तो भी आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकती है। इस मुद्दे पर राजनीति करने वाले दलों को भी समझना होगा। आतंकवाद के मुद्दे पर राजनीति का सीधा-सा मतलब देश को कमजोर करना ही माना जाएगा।




rajasthanpatrika.com

Bollywood