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VIDEO- सेना में जाने से पहले जानें आर्मी क्या है - कर्नल वीएस पठानिया

Patrika news network Posted: 2017-07-16 11:30:13 IST Updated: 2017-07-16 11:34:39 IST
  • कर्नल पठानिया ने कहा कि सेना में ऐसे युवाओं की जरूरत नहीं है जो ऐसे व्यक्ति को देखकर जिसके पास बीएमडब्लू कार है, उसके आगे-पीछे चार-पांच नौकर-चाकर घूम रहे हो, उसे देख अपनी भावनाओं में बहकर सेना में आना चाहते हैं।

नागौर. ‘यदि आप सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं या सेना में जाने की इच्छा रखते हैं तो सबसे पहले आपको आर्मी को जानना होगा। सेना की भावना क्या है, सेना क्या काम करती है आदि।’ यह बात जयपुर सेना भर्ती मुख्यालय के कर्नल विक्रमसिंह पठानिया ने शनिवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से लक्ष्मीतारा सिनेमा में आयोजित गाइडेंस (मार्गदर्शन) कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों युवाओं को संबोधित करते कही।

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कर्नल पठानिया ने युवाओं से सवाल किया आप कौनसी नौकरी करना चाहेंगे- अच्छी नौकरी या जहां आपको संतुष्टि (जॉब सेटिसफेक्शन) मिले। इस पर युवाओं ने कहा कि जहां हमें काम करके संतुष्टि मिले। इस पर कर्नल ने कहा, आर्मी की नौकरी आपको संतुष्टि देगी । कर्नल पठानिया ने वीडियो क्लिप के माध्यम से बताया कि आर्मी क्या करती है, किन परिस्थितियों में देश की रक्षा करती है।आर्मी के बारे में लोग क्या सोचते है। आर्मी के बारे में गलत बातें करने वाले लोग कितने हैं। इसके बाद उन्होंने आर्मी ज्वाइन करने के लिए क्या-क्या तरीके हैं, आर्मी में किस-किस प्रकार की नौकरियां हैं, उनके लिए आवेदन कैसे करें, क्या क्वालिफिकेशन चाहिए आदि की विस्तृत जानकारी दी। इससे पहले  कर्नल का मिर्धा कॉलेज के एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट प्रेमसिंह बुगासरा, खेल प्रशिक्षक भंवराराम सीयाक, महेन्द्र गालवा, दौलतराम सारण आदि ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।

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ऐसा जवान नहीं चाहिए जो भावनाओं में बहकर सेना में भर्ती हो

कर्नल पठानिया ने कहा कि सेना में ऐसे युवाओं की जरूरत नहीं है  जो ऐसे व्यक्ति को देखकर जिसके पास बीएमडब्लू कार है, उसके आगे-पीछे चार-पांच नौकर-चाकर घूम रहे हो, उसे देख अपनी भावनाओं में बहकर सेना में आना चाहते हैं। यदि कोई युवा भावनाओं में बहकर सेना में भर्ती होते हैं तो वे सेना में टिक नहीं पाएंगे या फिर गलत काम करेंगे। हमें वो जवान चाहिए जो दिल-दिमाग से सेना में आना चाहता है। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती होने के लिए फर्जीवाड़े की कहीं कोई गुजांइश नहीं है। सेना में केवल वे ही युवा भर्ती हो सकते हैं जिसमें काबिलियत होगी। कर्नल पठानिया ने सेमिनार में मौजूद युवाओं को बताया कि  नौकरी ढूंढऩे में आपके सबसे अच्छे सलाहकार आपके गुरुजन ही हो सकते हैं।  उन्होंने वीडियो स्लाइड के माध्यम से युवाओं को सेना में होने वाली  गतिविधियों के बारे में जानकारियां दी। साथ ही यब भी बताया कि कोई भी इंश्योरेंस कम्पनी इतना फण्ड नहीं देती जितना कि आर्मी इंश्योरेंस फण्ड से दिया जाता है। यदि किसी जवान के साथ कोई हादसा होता है तो सेना उसे अधिक से अधिक कवर देती है। इस मौके पर सेना के जवानों ने स्टॉल लगाकर युवाओं को सेना में भर्ती संबंधी विभिन्न जानकारियों के  पैम्पलेट व फोल्डर वितरित किए।

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पत्रिका का प्रयास सराहनीय

सिनेमा हॉल के मालिक व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्याम जांगीड़ ने कहा कि आज के युुवाओं को कॅरियर को लेकर यह पता नहीं है कि उन्हें क्या करना है। यदि वे सेना में जाना चाहें तो कैसे जाएं और क्यों जाएं। राजस्थान पत्रिका ने सेना के बड़े अधिकारी के माध्यम से शहर के सैंकड़ों युवाओं के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन कर सराहनीय प्रयास किया है।  मैनेजर रमेश जांगीड़ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में  सहयोग दिया। सेमिनार में बीआर मिर्धा राजकीय महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, सेठ किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के युवाओं ने भाग लिया।

rajasthanpatrika.com

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