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Video : राजपूत हुए उग्र, आनंदपाल एनकाउण्टर की सीबीआई जांच नहीं हुई तो उखाड़ेंगे पटरियां, रोकेंगे ट्रेन-हाईवे

Patrika news network Posted: 2017-07-12 20:34:14 IST Updated: 2017-07-12 20:59:35 IST
  • आनन्दपाल सिंह एनकाउंटर प्रकरण, हजारों लोग पहुंचे सांवराद, युवकों ने मचाया उत्पात, तोड़ी पुलिस की गाडिय़ां, किया पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

डीडवाना (नागौर). गैंगस्टर आनन्दपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद बुधवार को सांवराद में हुई हुंकार रैली में राजपूत व रावणा राजपूत समाज के हजारों लोग उमड़ पड़े। हालात यह रहे कि लोगों के उमडऩे के कारण सभास्थल पर लगाया गया पाण्डाल और टेंट भी कम पड़ गए। प्रदेशभर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने आनन्दपाल के समर्थन में इस रैली में शिरकत कर सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया।


इस दौरान जहां लाडनूं कस्बा बंद रहा। वहीं सांवराद में पूरे दिन तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आनन्दपाल के एनकाउंटर से आक्रोशित युवाओं ने बार-बार नारेबाजी की और हाईवे जाम करने का प्रयास किया। उत्पाती युवाओं ने सडक़ पर टायर व लकडिय़ां जलाकर हाईवे जाम कर दिया। 


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उन्होंने पुलिस की दो गाडिय़ों सहित एक ट्रक के शीशे तोड़ दिए। जब पुलिस ने युवाओं को वहां से हटाकर हाईवे खुलवाने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। लेकिन पुलिस ने लाठियां लहराकर तथा आंसू गैस के गोले छोडक़र उन्हें भगा दिया। मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के भारी इंतेजाम किए। इसके लिए सांवराद चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इसके अलावा सांवराद जाने वाले प्रत्येक रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए।

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सीबीआई जांच हो, वरना भुगतना होगा अंजाम

इस मौके पर राजपूत समाज के नेता लोकेन्द्र सिंह कालवी के नेतृत्व में राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढा, रणवीर गुढा, दुर्गसिंह चौहान खींवसर, गिरीराज सिंह लोटवाड़ा, राजेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सहित अनेक राजपूत नेताओं ने आनन्दपाल सिंह एनकाउंटर को साजिश करार देते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि आनन्दपाल सिंह समर्पण करने को तैयार था, लेकिन सरकार की शह पर पुलिस ने उसे विश्वास में लेकर मारा है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सीबीआई जांच नहीं करवाती है, तो प्रदेशभर में आन्दोलन तेज किया जाएगा और रेल रोकने, पटरियां उखाडऩे, हाईवे जाम करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर आनन्दपाल सिंह की बेटी योगिता ने रैली में पहुंचने वाले लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह लड़ाई इंसाफ की है। उनके पिता की सरकार ने साजिश रचकर हत्या करवाई है। उनके पिता का का १८ दिनों से दाह संस्कार नहीं हो पाया है। शव अब तक उनके घर में रखा हुआ है, लेकिन सरकार सीबीआई जांच की मांग नहीं मान रही है, जो उचित नहीं है।अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग ४ से ५ हजार गाडिय़ों में भरकर लोग सांवराद पहुंचे।

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युवाओं द्वारा बार-बार उत्पात मचाए जाने और पुलिस की गाडिय़ों के शीशे तोड़ दिए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत डीडवाना से रिजर्व में रोके गए पुलिसकर्मियों को सांवराद बुलाकर तैनात कर दिया गया। साथ ही इन पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस मुख्यालय से विशेष तौर पर हेलमेट, ढाल, जैकेट और डंडे मंगवाए जाकर वितरित किए गए।


डेरा डाले रहे अधिकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी जेल अजीतङ्क्षसह शेखावत भी सांवराद पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उनके साथ अजमेर रेंज की आईजी मालिनी अग्रवाल, जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम, जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।

रेलवे फाटक तोड़ा

गाडिय़ों में भरकर सांवराद जाते समय डीडवाना होकर जब लोग सांवराद जा रहे थे। इस दौरान ट्रेन आने के कारण लाडनूं रोड़ की रेलवे फाटक बंद थी। जिस पर युवकों ने हंगामा मचा दिया और रेलवे फाटक को तोड़ दिया। इस कारण हाईवे से जुड़ी इस फाटक से ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ। बाद में आरपीएफ व पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और ट्रेनों के आगमन के समय यातायात रोककर ट्रेनों को निकाला गया।


युवक ने मचाया हंगामा

सांवराद चौराहे पर गांव में प्रवेश की बात को लेकर एक युवक ने जमकर हंगामा मचाया। युवक ने अपनी गाड़ी को बीच रास्ते में खड़ी कर दी और छत पर चढक़र पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से बहस करने लगा। काफी देर तक वह हंगामा करता रहा और अधिकारी समझाईश करते रहे। बाद में समाज के लोगों ने उसे समझाईश कर नीचे उतारा।

बंद रहा लाडनूं

इस मामले को लेकर बुधवार को लाडनूं कस्बा पूर्णतया बंद रहा। इसके तहत पूरे दिन शहर के बाजारों पर ताले लटके रहे। आलम यह रहा कि चाय, पान व सब्जी की दुकानें तक बंद रही।

rajasthanpatrika.com

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