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Video: इस परिवार में 45 साल बाद हुआ बेटी का जन्म तो खूब मनाया जश्न

Patrika news network Posted: 2017-02-18 14:06:26 IST Updated: 2017-02-18 14:06:26 IST
  • चित्तौड़गढ़ के बड़ी गुवाड़ी में रहने वाले सखवाया परिवार में 45 साल बाद घर में बेटी के जन्म की खुशियां पूरे परिवार ने धूम-धड़ाके के साथ मनाई।

चित्तौड़गढ़

नवजात कन्याओं को कचरे के ढेर में फेंकने की घटनाएं तो अक्सर सुनने में आती है लेकिन चित्तौड़गढ़ के एक परिवार में बेटी जन्म पर ऐसी खुशियां मनाई गई कि पूरे शहर में चर्चा बन गई। मेवाड़ क्षेत्र में हुई इस पहल में बेटी के गृहप्रवेश पर परिजनों के अलावा पूरा मोहल्ला नाच उठा।



चित्तौड़गढ़ के बड़ी गुवाड़ी में रहने वाले सखवाया परिवार में 45 साल बाद घर में बेटी के जन्म की खुशियां पूरे परिवार ने धूम-धड़ाके के साथ मनाई। सखवाया परिवार में चार भाइयों के इस परिवार में 45 साल के बाद अब बेटी का जन्म हुआ है।  



30 दिसम्बर को उदयपुर स्थित ननिहाल में जन्मी बेटी गुरुवार शाम करीब सात बजे अपने घर आई तो समूचा मोहल्ला खुशी से झूम उठा। ‘लक्ष्मी’ का ‘गृह प्रवेश’ जब ढोल की थाप पर कराया तो लोग देखने के लिए जमा हो गए। नवजात भाविका को जब माता के मोहल्ले में ढोल बजाकर और नाचते हुए लाया गया तो पूरा मोहल्ला देखने लग गया। भाविका के घर में आने की खुशी में दादा, पड़दादी आदि परिजनों की आंखों में खुशी से आंसू आ गए।



परिवार के सदस्य राकेश सखवाया ने बताया कि उसके पिता नंद किशोर सखवाया सहित चार भाई हैं। परिवार में 45 वर्ष पहले भूवा के जन्म के बाद अब बेटी का जन्म हुआ है। परिवार में सभी के बेटों ने जन्म लिया। इतने साल के बाद बेटी के जन्म पर पूरे परिवार में उत्साह का का माहौल है।





और अब एक शर्मसार करने वाली खबर... बेटियों की सुरक्षा और देखभाल के लिए राज्य सरकार एक ओर 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को प्रमोट कर रही है वहीं दूसरी और लिंग परीक्षण जैसी घटनाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।



ऐसी ही एक घटना बांसवाड़ा जिले में सामने आई है जिसने न सिर्फ इस समाज को बल्कि सभी महिला जाति को शर्मसार कर दिया है। जी हां, बांसवाड़ा जिले की एक महिला डॉक्टर और दाई मां ने मिलकर इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया है। 



डॉक्टर अनामिका और दार्इ् मां अनिला पिछले कई समय से लिंग परीक्षण जैसे घिनौने अपराध कर रही थी। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब राज्य पीसीपीएनडीटी सेल ने बांसवाड़ा में बड़ी कार्रवाई करके भ्रूण परीक्षण करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोला। 



इस दौरान डॉ. अनामिका और दाई अनिला की इस करतूत से पर्दाफाश हुआ। इनके पास से पंजीकृत सोनोग्राफी मशीन को जब्त कर इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।





सरकारी स्कूल में पढऩे वाली छात्राओं से छेडख़ानी करने पर मनचलों को लात घूसे खाने पड़ सकते हैं। अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाली बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं।



प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अध्ययन कर रही बेटियों को शिक्षा विभाग की ओर से आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। इसके लिए शारीरिक शिक्षकों और अन्य शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद यह महिला पीटीआई स्कूलों में जाकर बेटियों को 10 दिन का प्रशिक्षण दे रही हैं। 



इस प्रशिक्षण में बेटियों को यह सिखाया जाता है कि वे किसी मनचले के छेडऩे पर या किसी आपातकालीन परिस्थितियों में किस प्रकार अपना बचाव कर सकती है और उसे सबक सीखा सकती हैं। यही नहीं वे किसी भी प्राकृतिक विपदा आने पर खुद को और परिवार को कैसे बचा सकती हैं। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाली बेटियों को जूड़ो कराटे और अन्य गुर सिखाए जा रहे हैं। प्रदेश में एक लाख से अधिक बेटियां आत्मरक्षा के यह गुर सीख चुकी हैं। 



शिक्षा विभाग की ओर से एसएसए और रमसा की ओर से कक्षा 6 से 12 वीं तक की छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दिस दिन के प्रशिक्षण के बाद 20 दिन का इसका फॉलोअप होता है जिसमें शिक्षक बेटियों को प्रेक्टिस भी कराते हैं। अलवर जिले के 118 माध्यमिक और सीनियर माध्यमिक विद्यालयों तथा सर्व शिक्षा अभियान की ओर से संचालित 19 आवासीय बालिका विद्यालयों में इस अभियान को चलाया जा रहा है।




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