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टैक्सी परमिट के बिना दौड़ रही कारें, परिवहन विभाग को लाखों का नुकसान

Patrika news network Posted: 2017-06-19 10:06:56 IST Updated: 2017-06-19 10:06:56 IST
टैक्सी परमिट के बिना दौड़ रही कारें, परिवहन विभाग को लाखों का नुकसान
  • शहर में बिना टैक्सी परमिट के बड़ी संख्या में निजी कारें संचालित हो रही है। जिनके पास किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर निजी कार मालिक चांदी कूट रहे हैं।

कोटा.

शहर में बिना टैक्सी परमिट के बड़ी संख्या में निजी कारें संचालित हो रही है। जिनके पास किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर निजी कार मालिक चांदी कूट रहे हैं। 


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शहर में  सौ से अधिक एेसी टैक्सियां संचालित हो रही है जिनके पास टैक्सी संचालन का परमिट नहीं है। ये कार मालिक उपभोक्ताओं से मनमर्जी का किराया वसूल करते हैं। वहीं दूसरी तरफ टैक्स नहीं जमा कराकर परिवहन विभाग को भी लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। इन सबसे बेखबर परिवहन विभाग के अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं।


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निजी स्टैण्डों पर अधिकांश 'पी' नंबर

पत्रिका टीम ने टैक्सी स्टैंड पर जाकर देखा तो वहां अधिकांश कारों की नम्बर प्लेट पर प्राइवेट नंबर डले हुए थे। उनके पास खड़े चालक व मालिक लोगों से मनमर्जी से किराया तय कर रहे थे। कोई 10 रुपए प्रति किलोमीटर तो कोई नौ रुपए प्रति किलोमीटर किराया बता रहा था। 


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...तो दुर्घटना में नहीं मिलेगा क्लेम

नियमानुसार जो अगर किसी निजी नम्बर की कार बिन टैक्सी परमिट के चल रही है और वह कार दुर्घाटनाग्रस्त हो जाती है। तो इसमें बैठे किसी भी यात्री को दुर्घाटना बीमा नहीं मिलेगा। क्योकि नियमों के अनुसार कार टैक्सी परमिट की होना अनिवार्य है।


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अन्य राज्य में 

कई कार मालिक तो अपनी गाड़ी अन्य राज्य में ले जाने के लिए भी तैयार रहते हैं। वे उपभोक्ता से कार पकड़े जाने पर स्वयं की बताने का समझौता कर लेते हैं। इसके बाद कार अन्य राज्य की सीमा में ले जाते हैं। उपभोक्ता के निजी कार बता देने पर कार्रवाई नहीं होती। नियमों के अनुसार पांच सीट वाले चालक के अतिरिक्त चार सदस्य और बैठे रहते हैं। तो टैक्स केवल चार सदस्यों का ही देना होता है। 


लग रहा चूना

बड़ी संख्या में कारें बिना टैक्सी नम्बर के दौडऩे से परिवहन विभाग को लाखों का चूना लग रहा है। परिवहन विभाग को पांच सीट वाले वाहनों से करीब 15 तथा सात सीट वाले वाहन से 25 हजार रुपए सालाना टैक्स प्राप्त होता है। लेकिन बिना परमिट व अनुमति से कार चलने के कारण कोई टैक्स जमा नहीं करवाना पड़ता। शहर में सैकड़ों प्राइवेट नम्बर की कारें टैक्सी के रूप में संचालित हो रही है।


कार्रवाई के देंगे निर्देश

अगर प्राइवेट नंबर से टैक्सी परमिट पर चला रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए परिवहन निरीक्षकों को निर्देश दिए जाएंगे। मथुराप्रसाद मीणा, अति. प्रादेशिक परिवहन अधिकारी 

rajasthanpatrika.com

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