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Video: अजब-गजब: यहां हर साल गधे पर सवार होकर निकलते हैं दूल्हे राजा

Patrika news network Posted: 2017-03-13 17:31:48 IST Updated: 2017-03-13 17:53:57 IST
  • सृष्टि में बेशक सभी पशुओं का अपना महत्व है। हाथी घोड़े पर सवार होना तो जैसे शान समझा जाता है। शादी में तो जैसे घोड़े बिना दूल्हे राजा की बारात ही नहीं जमती, वहीं गर्दभ की सवारी शायद ही कोई करने को तैयार हो।

कोटा.

सृष्टि में बेशक सभी पशुओं का अपना महत्व है। हाथी घोड़े पर सवार होना तो जैसे शान समझा जाता है। शादी में तो जैसे घोड़े बिना दूल्हे राजा की बारात ही नहीं जमती, वहीं गर्दभ की सवारी शायद ही कोई करने को तैयार हो।

लेकिन हाड़ौती का एक गांव एेसा भी है, जहां हर साल होली के मौके पर दूल्हा, गर्दभ पर सवार होकर निकलता है। खास बात तो यह है कि वह इस पशु पर सवार होकर भी शान समझता है।



जी हां हाड़ौती के मोईकलां की एक एेसी ही परम्परा है। इसके तहत व्यक्ति को दूल्हे के रूप में सजाकर गर्दभ पर बिठाया जाता है। फिर इसे गांव में घूमाया जाता है। ठीक बारात की तरह लोग दूल्हे के आगे पीछे नाचते गाते चलते हैं। हर तरफ खुशियों का सा माहौल रहता है। न्हान की यह सवारी



बाजार व माली पाड़े समेत अन्य निर्धारित मार्गों से होकर निकलता है। बाजार से न्हान निकलने के बाद दूल्हे के रूप में गर्दभ पर सवार व्यक्ति के लोग चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं। लोग बताते हैं कि कस्बे में करीब 150 वर्षों से यह परम्परा मनाई जा रही है। लोगों में इस दिन को लेकर काफी उत्साह रहता है।



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